दिलीप कुमार की मौत के बाद बॉलीवुड में उठा बड़ा सवाल, सरकार के सामने रखी बड़ी मांग

यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार का 7 जुलाई की सुबह निधन हो गया था। दिलीप कुमार के निधन पर बॉलीवुड स्टार्स के साथ साथ देश की नामचीन हस्तियों ने भी दुख जाहिर किया था। प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे जैसे तमाम राजनेताओं ने सायरा बानो को ढांढस बंधाया और दिलीप साहब के गुजर जाने पर शोक प्रकट किया था।

दिलीप कुमार ने अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी हिंदी सिनेमा के नाम कर दी थी। पहली फिल्म ‘ज्वार भाटा’ (1944) से लेकर ‘किला’ (1998) तक वह करोड़ों दिलों पर राज करते रहे। उनकी मेथड एक्टिंग को हिंदी सिनेमा में पीढ़ी दर पीढ़ी तमाम अभिनेताओं ने आगे बढ़ाया। लेकिन, फिर कोई दूसरा दिलीप कुमार न हुआ, न ही आगे होगा। 98 की उम्र में भी दिलीप साहब इंडस्ट्री के लिए एक ऐसे अभिभावक की तरह थे, जिनका साथ होना ही संबल देता था। वहीं दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा समेत कई सितारों ने आश्चर्य जताया है कि जिस दिलीप कुमार को सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिले, नेशनल अवॉर्ड मिले, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया।

एक बातचीत के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, ‘मैं दिलीप साहब की किसी दूसरे से तुलना नहीं करना चाहता, लेकिन ऐसे कई दूसरे हैं जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। दिलीप कुमार को सरकार ने 1991 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। 1994 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया, जबकि 2015 में दिलीप कुमार को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।’

 

शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा कि ‘दिलीप कुमार भारतीय सिनेमा के आखिरी मुगल थे। हमने 1988 में राज कपूर और 2011 में देव आनंद को खो दिया था। इनके जाने का घाव अभी हरा ही था कि दिलीप साहब भी चल बसे। लोग तो बहुत आते-जाते रहेंगे लेकिन दूसरा दिलीप कुमार अब कोई नहीं होगा।’

 

वहीं दिलीप साहब के एक और महान प्रशंसक धर्मेंद्र का कहना है कि ‘वो तो स्वयं ही भारत के भारत रत्न हैं, जो कि देश के लिए गौरव की बात है। देश के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता को सर्वोच्च नागरिक सम्मान अवश्य ही दिया जाना चाहिए।”

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इसके साथ ही फैमिली मैन एक्टर शारिब हाशमी का कहना है कि ‘दिलीप साहब ने एक नई तरह की अभिनय शैली लाई, जो हिंदी सिनेमा के लिए अज्ञात थी। उन्होंने अभिनय की अपनी त्रुटिहीन और अद्वितीय शैली के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित किया है और अब भी यह जारी है। वह सही मायनों में भारत रत्न के हकदार हैं।”