अनिल राजभर, धर्मपाल सिंह और दिनेश प्रताप सिंह ने सपा को घेरा, कहा- ‘लोहिया के सिद्धांतों से दूर हुई पार्टी’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, धर्मपाल सिंह और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। तीनों नेताओं ने परिवारवाद, PDA, महिला सुरक्षा और चुनाव आयोग जैसे मुद्दों पर अखिलेश की राजनीति को कठघरे में खड़ा किया।

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ थे। उन्होंने सनातन परंपरा के सम्मान की बात कही थी। उनका आरोप है कि, समाजवादी पार्टी अब लोहिया के सिद्धांतों से पूरी तरह दूर जा चुकी है। अखिलेश यादव की राजनीति का लोहिया के समाजवाद से कोई वास्ता नहीं बचा।

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चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों को लेकर राजभर ने कहा कि, सपा को आने वाले विधानसभा चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसीलिए वह अभी से हार के बहाने गढ़ने में लगी है।

धर्मपाल सिंह ने विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

एसआईआर और चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि, विपक्ष के पास विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच घटती स्वीकार्यता के कारण विपक्ष एसआईआर को मुद्दा बना रहा है। उनके अनुसार, फर्जी नाम कटने से विपक्ष बेचैन है और इसी वजह से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि, सपा शासन में महिलाओं की सुरक्षा का हाल पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने दावा किया कि, सपा के लोगों को देखकर ही बेटियां डर जाती थीं। उन्होंने कहा कि, मौजूदा भाजपा सरकार में महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हारते ही व्यवस्था पर आरोप लगाने लगता है विपक्ष

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग और विपक्ष के प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि, एनडीए को हराने के लिए विपक्ष कई हथकंडे अपना चुका है, पर उसे कामयाबी नहीं मिली। उनका आरोप है कि विपक्ष अपनी कमियां सुधारने के बजाय सत्ता पाने के दूसरे रास्ते खोज रहा है।

अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष जीतता है, वहां चुनाव आयोग, ईवीएम और मतगणना पर सवाल नहीं उठते, लेकिन हारते ही पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाए जाने लगते हैं। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताया और कहा कि जनता ऐसे नैरेटिव को भलीभांति समझती है।

लोहिया नहीं मुख्तार और अतीक की विचार धारा पर चलते हैं अखिलेश

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख चुनाव करीब आते ही जाति और धर्म की राजनीति शुरू कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपनी खामियों पर गौर करने के बजाय भाजपा और सरकार पर आरोप मढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश का लोहिया जी के विचारों से कोई सरोकार नहीं है, बल्कि वे मुख्तार और अतीक की विचारधारा पर चल रहे हैं।

 

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