
लखनऊ। बीजेपी के विधान परिषद सदस्य (MLC) सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव को नहीं बुलाए जाने का जिक्र करते हुए यदुवंश ने कहा, दोनों नेता‘राजकुमार’ हैं और वे एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
इसे भी पढ़ें- ’70 हजार करोड़ की परियोजनाएं, फिर भी सपा को नहीं दिखता विकास’- अखिलेश पर बीजेपी का सीधा हमला
‘अखिलेश को बुलाया ही नहीं गया बैठक में’
सुभाष यदुवंश ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव को बुलाया ही नहीं गया।’ जब अखिलेश यादव लखनऊ आ गए, तब राहुल गांधी के किसी ‘शिष्य’ का फोन उनके पास आया। उन्होंने ये भी कहा कि, कुछ दिन पहले अखिलेश यादव के इशारे पर ही सपा के एक सांसद ने कहा था कि, कांग्रेस की हैसियत तो 10 सीटों की भी नहीं है।

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि, जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के ‘युवराज’ को सत्ता मिली, तो पूरा परिवार डेढ़ साल तक मंच पर ही लड़ता रहा। उस वक्त उत्तर प्रदेश ‘सिरफुटौव्वल का अड्डा’ बन गया था।
यदुवंश ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ये जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार हैं, ये सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।’ इन दोनों नेताओं में न तो कोई अनुशासन, न ही टीम भावना नहीं है और न ही समन्वय है। अखिलेश और राहुल दोनों ही किसी व्यवस्था को चला नहीं सकते।
‘राजतंत्र पर भरोसा करते हैं राहुल गांधी’
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यदुवंश ने कहा कि जब कांग्रेस के ‘युवराज’ को सत्ता मिली थी, तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का तैयार किया हुआ मसौदा राहुल गांधी ने फाड़ दिया था। उन्होंने कहा, ‘युवराज ने मसौदा फाड़ करके बताया कि देखो, मैं राजतंत्र में बिलीव करता हूं, संविधान मानता नहीं हूं, संविधान को जेब में रख करके चलता हूं।’
आपको बता दें कि, साल 2013 में मनमोहन सिंह सरकार द्वारा दोषी सांसदों-विधायकों को तत्काल अयोग्यता से बचाने के लिए लाए गए जनप्रतिनिधित्व संशोधन अध्यादेश को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पूरी तरह बकवास’ करार देते हुए सार्वजनिक रूप से फाड़ कर फेंक दिया था। अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर हमला करते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि इन पर भरोसा करना, इनको वोट देना अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करना है। ये दोनों परिवारतंत्र पर भरोसा करने वाले नेता हैं।
इसे भी पढ़ें- बाबासाहेब का अपमान कर रही हैं संविधान विरोधी ताकतें, अखिलेश का बीजेपी पर तीखा हमला



