योगी पर जयंत का तंज, दो लड़कों की गर्मी देख सर्दी में बाबा के छूट रहे पसीने

उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। भले ही उत्तर भारत में इस वक्त कड़ाके की ठंड पड़ रही हो लेकिन कहीं ना कहीं सियासत में गर्मी दिखाई खूब दे रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों ने पूरा दमखम लगा रखा है। हाल में ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 मार्च के बाद गर्मी निकाल देने वाला बयान दिया था। इसी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने योगी पर पलटवार किया है। जयंत चौधरी ने कहा कि हमारा खून गर्म है और गर्म ही रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2 लड़कों की गर्मी देख सर्दी में बाबा का पसीना छूट रहा है। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ दो लड़कों की जोड़ी पर भी जबरदस्त तरीके से प्रहार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी और आरएलडी का गठबंधन हुआ है। अखिलेश यादव और जयंत चौधरी लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने काह कि खून गरम है इसलिए नहीं गया वरना ये रोज बुलाते हैं पेड़ा खाने, पर मुझे न इनका पेड़ा खाना है, न इनकी चाय पीनी है। जयंत ने कहा कि बाबा जी मुझ पर डंडा क्यों चलवाया, मुझ पर कौन सा मुकदमा दर्ज था। उन्होंने कहा कि उन्हीं डंडों का हिसाब प्रदेश की जनता 10 मार्च को करेगी। उन्होंने कहा कि मथुरा मेरे दिल में है, अगर हमें मौका मिला तो लखनऊ की गद्दी से सीधा मथुरा के विकास के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि उन्नाव, हाथरस और बुलंदशहर जैसे हादसे ये साबित करते हैं कि भाजपा वालों के प्रदेश को अपराधमुक्त करने के दावे खोखले हैं। जयंत ने सवाल किया कि प्रदेश के युवा बेरोजगार हैं, किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, इनकी गर्मी को कैसे शांत करेंगे बाबा?

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रालोद नेता ने कहा कि हम किसानों और युवा समाज के हर वर्ग की लड़ाई लड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के आंदोलन के आगे विवश होकर झुकने के साथ तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया, लेकिन किसानों की सभी बातें नहीं मानी गईं। सरकार द्वारा किया गया, कोई भी वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। सौंख कस्बे में आयोजित सभा को संबोधित करते हुये जयंत ने कहा कि गन्ना किसानों को अपनी फसलों का भाव नहीं मिल रहा है। सरसों, आलू के किसानों को भी अपनी फसलों के भाव नहीं मिल रहे हैं। सरकार किसानों की सरसों की फसल पर ध्यान न देकर पॉमऑयल पर ध्यान दे रही है।’’ जयंत ने पूछा, ‘‘बाबाजी, आपने आज तक कोई कानून बनाया है, तो बताओ।’’

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