
लखनऊ। योगी सरकार की तरफ से प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को अब हर साल तीन साड़ियां मिलेगी। ये फैसला शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। अभी तक साल में दो साड़ियां मिलती थी। कैबिनेट की इस नई व्यवस्था का लाभ प्रदेश की 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा। इस पर राज्य सरकार करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि, प्रदेश में 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्र हैं और इन केन्द्रों पर 1,90,145 कार्यकत्रियां और इतनी ही सहायिकाएं कार्यरत हैं। ऐसे में कुल 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक-एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार उठाएगी खर्च
केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 की वित्तीय भागीदारी वाली योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब तीसरी साड़ी राज्य सरकार अपने खर्च पर देगी। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं। कुल अनुमानित व्यय 19,01,45,000 रुपये होगा।
दूर होगी परेशानी
दरअसल, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को कार्यस्थल पर एक निर्धारित वेशभूषा में काम करना होता है। ऐसे में नियमित इस्तेमाल, धुलाई, प्रतिकूल मौसम और साड़ी के गंदा या खराब होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए एक अतिरिक्त साड़ी देने का फैसला किया गया है,ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों से छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार दिया जाता है। आकांक्षात्मक जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को भी इसका लाभ मिलता है। इन सभी सेवाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भूमिका बेहद अहम है।



