काशी में बनेंगे तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स, सीएम योगी के सामने रखा गया तैयारियों का खाका

  • काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारियां तेज

  • तीन कंट्रोल रूम से जुड़ेगा मेडिकल रिस्पॉन्स, अस्पतालों तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

  • 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित, 97 एंबुलेंस और 23 ब्लड बैंक रहेंगे तैयार

 लखनऊ। चेन्नई एयर शो में अक्टूबर 2024 में बनी स्थिति से सबक लेते हुए काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारियां की जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यहां हवा, गंगा और जमीन, तीनों स्तर पर अलग-अलग रिस्पॉन्स प्लान तैयार रहेगा। इसमें एनडीआरएफ की विशेषज्ञता का भी सहयोग लिया जाएगा। तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा जा चुका है।

प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ में अपनी क्षमता और तैयारी का प्रदर्शन कर चुका है। इसी स्तर पर एयर शो की तैयारी करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।

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बता दें कि, वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले होना है। तैयारियों के प्रजेंटेशन में चेन्नई एयर शो के दौरान भीड़ की स्थिति को अलग से रखा गया। इसके बाद काशी के लिए तैयार क्राउड मैनेजमेंट प्लान बताया गया है। इससे साफ है कि चेन्नई में सामने आई स्थिति को ध्यान में रखकर यहां आपात इंतजाम किए जा रहे हैं।

आपातस्थिति के लिए पुख्ता प्लान

एयर शो के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग विभागों को मौके पर व्यवस्था तय करने का इंतजार नहीं करना होगा। कार्ययोजना में हवा, पानी और जमीन पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान बनाने का भी जिक्र है। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता ली जाएगी। जैसे अगर हवा में कोई आपात स्थिति बनती है, गंगा में कोई घटना हो या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ें। इन तीनों ही स्थितियों में तत्काल सहायता रिस्पांस मिलेगा।

Air Force Day Aerial Display

इसके लिए एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस को आपस में जोड़ा जाएगा। कार्ययोजना में इन एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रमुख जरूरत के रूप में रखा गया है। जरूरत पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट बुलाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव है।

तीन कंट्रोल रूम, और ग्रीन कॉरिडोर भी बनेगा

इमरजेंसी में सूचना मिलने से मरीज को बिना समय गवाएं अस्पताल पहुंचाने तक का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन के तीन कंट्रोल रूम तैयार होंगे। अस्पताल तक एंबुलेंस पहुंचने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की भी प्लानिंग है। सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं।

मेडिकल बैकअप के लिए आयोजन स्थल से 20 किमी के दायरे में स्थित सात सरकारी अस्पताल और 15 किमी के दायरे में मौजुद सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं। 23 ब्लड बैंक भी चिह्नित हैं। वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। यानी कुल 97 एंबुलेंस यों स्थल पर उपलब्ध रहेंगी।

21 समितियां संभालेंगी जिम्मा

एयर शो की तैयारियों के लिए 21 समितियां गठित की गई हैं। किसी समिति के जिम्मे घाटों की व्यवस्था है, किसी के पास कंट्रोल रूम और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी।

Air Force Day Aerial Display

आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत और आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन का जिम्मा भी अलग-अलग समितियों को सौंपा गया है। नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए एक घाट प्रबंधन समिति बनी है, जबकि रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए अलग समिति गठित की गई है।

पक्षियों पर भी रखी जाएगी नजर

एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाने की योजना है। एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती से निपटने की जिम्मेदारी भी एक समिति के पास होगी। सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ का गठन किया गया है। कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है।

 

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