1.02 लाख करोड़ के पार पंहुचा यूपी का IT-ITES निर्यात, पांच साल में हुआ दोगुने से ज्यादा

  •  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर

  • कई बड़ी कंपनियों ने लखनऊ में खोले कार्यालय

  • एसटीपीआई से 52,778 करोड़ और एसईजेड से 49,192 करोड़ रुपये का निर्यात

 लखनऊ। बीते पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश से आईटी और आईटीईएस का निर्यात दो गुने से ज्यादा हो गया है। जहां 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में ये 1,01,970 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात इतनी भारी मात्रा में हुआ है। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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आईटी-आईटीईएस निर्यात में ये इजाफा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ), दोनों में दर्ज हुई है। अगर हम बीते पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें, तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से थोड़ी ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।

SEZ में तेज इजाफा

विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज इजाफा रिकॉर्ड किया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था।

IT-ITES UP IT

वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये के स्तर पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।

STPI से दो गुना हुआ निर्यात हुआ  

एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।

दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में1,01,970 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों के कार्यालय स्थापित हो चुके हैं। हजारों युवा यहां काम कर रहे हैं। प्रदेश में आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ेगा, तो निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दर्शाता है।

 

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