
-
तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा
-
बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से बांटी राहत सामग्री
कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि, आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जायेगा। इतना ही नहीं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी धनराशि दी जाएगी। साथ ही फसल के नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के अंदर मुआवजा दिया जायेगा।
इसे भी पढ़ें- सनातन की एकता में ही सुरक्षा और मजबूती, गोरखनाथ मंदिर में बोले सीएम योगी, ‘कालनेमि को पहचानें रामभक्त’
मुख्यमंत्री योगी ने कुशीनगर जिले के विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी का जल स्तर बढ़ने से उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी
सीएम योगी ने कहा ,कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है।

उन्होंने कहा, सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, लेकिन भारी बारिश की वजह से पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी भर गया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।
राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट नदी के आप पास तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।
पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है।
#LIVE: कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट एवं राहत सामग्री वितरण। https://t.co/9hqawvaXJW
— Government of UP (@UPGovt) September 29, 2026
मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
10 दिन में मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को भी कहा गया है। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।
स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो और किसी तरह की जनहानि न हो।
सीएम ने कहा कि, संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें- अच्छी किताब ही सिखाएगी सवाल करना, AI सिर्फ जवाब देगा: सीएम योगी



