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चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंचा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो
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2023 में सीएम योगी की पहल से हुई थी शुरुआत
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ट्रेड शो में शामिल होंगे 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर साल 2023 में शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंच चुका है। पहले संस्करण में 1,914 प्रदर्शक आए थे, इस बार संख्या 2,400 के पार है। 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।
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बढ़ रहा ट्रेड शो का कद
चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो ट्रेड शो का बढ़ता कद साफ नजर आता है। 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शकों, बी2बी विजिटर्स और विदेशी खरीदारों, तीनों की संख्या में इजाफा दर्ज हुआ। इसके बाद 2025 के संस्करण में 85 देशों के खरीदार पहुंचे और प्रदर्शकों की संख्या 2,228 रही।

इस दौरान 5.07 लाख से ज्यादा लोगों ने ट्रेड शो का दौरा किया, जिनमें बी2बी विजिटर्स की तादाद 1.40 लाख से अधिक थी। इस बार यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। आयोजकों का अनुमान है कि, सामान्य विजिटर्स की संख्या 4.5 लाख के पार पहुंच सकती है।
छह देशों के विशेष पवेलियन
इस बार ऑस्ट्रिया,रूस, सिंगापुर ,बेलारूस, जापान, और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में जोड़ा गया है। इन देशों के लिए विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। यहां प्रदेश के कारोबारी विदेशी कंपनियों और खरीदारों से सीधे बात कर सकेंगे। कारोबार के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम पर भी बातचीत होगी।
1,882 करोड़ के एमओयू हुए थे साइन
पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो ट्रेड शो अब सिर्फ उत्पाद दिखाने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में यहां 1,882 करोड़ रुपये के 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी भी मिली थी। ओडीओपी पवेलियन में लगे 466 स्टॉल से 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड और डील सामने आई थीं।
एक करोड़ से अधिक MSME को मिल रहा बाजार
उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। प्रदेश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। ट्रेड शो में इन छोटे और मध्यम उद्यमों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का मौका मिल रहा है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के ब्रासवेयर समेत अलग-अलग जिलों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां पहुंचे हैं।
दो लाख करोड़ पहुंचा निर्यात
प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। अब एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30 में वस्तु एवं सेवा निर्यात को वित्त वर्ष 2024 के 21 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है।

इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर खास जोर है। सभी जिलों को निर्यात से जोड़ने की भी तैयारी है। निर्यात बढ़ाने की यह कवायद प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ यूपी में बने उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार तैयार करने पर जोर है।
हस्तशिल्प के साथ AI और EV भी
ट्रेड शो में यूपी के उद्योगों का बदलता चेहरा भी नजर आ रहा है। हस्तशिल्प, हैंडलूम और परंपरागत उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उत्पाद भी यहां हैं। एक तरफ भदोही का कालीन और मुरादाबाद का ब्रासवेयर है तो दूसरी तरफ एआई, ईवी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग। चार साल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा इसी तरह परंपरागत हुनर से नई तकनीक तक फैल गया है।
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