नई दिल्ली। हर ग्राहक चाहता है कि बैंक में उसका पैसा सुरक्षित रहे, जरुरत के समय उसे आसानी से किफायती लोन मिलें और रोज़मर्रा के बैंकिंग काम आराम से हो सकें। साथ ही, वह अपने निवेश से अच्छा रिटर्न भी पा सके। ऐसे में, एक भरोसेमंद बैंक का साथ ग्राहकों के लिए बड़ा फायदा बन जाता है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में यह दिखाया कि ग्राहक सिर्फ सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि फायदे के लिए भी इसे चुन सकते हैं। इस दौरान, बैंक का शुद्ध लाभ 503 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में 48% ज्यादा है। यह दर्शाता है कि बैंक की मजबूती का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलता है। बैंक ने मॉर्गेज, वाहन, उपभोक्ता और बिज़नेस लोन में 89% की बढ़ोतरी की, जिससे ग्राहकों को आसान और किफायती लोन उपलब्ध हैं।

एमडी और सीईओ श्री वी वैद्यनाथन ने कहा, हम अपने सभी प्रमुख व्यवसाय क्षेत्रों, ऋण, जमा, वेल्थ मैनेजमेंट, ट्रांजैक्शन बैंकिंग आदि में मजबूत कारोबारी गति देख रहे हैं। हमारी परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) में सुधार हुआ है, जहाँ 31 दिसंबर, 2025 तक ग्रॉस एनपीए 1.69% और नेट एनपीए 0.53% रहा। फंड की लागत के मामले में, हाल ही में बचत दरों में किए गए संशोधन के कारण हमें उम्मीद है कि यह आगे और कम होगी, जिससे हमें अपने ऋण व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या बढ़कर 43 लाख हुई है, जिससे हर ग्राहक अपनी रोज़मर्रा की खरीदारी और पेमेंट्स आसानी से कर सकता है। वेल्थ मैनेजमेंट में 31% की बढ़ोतरी ने ग्राहकों को निवेश और भविष्य की योजना बनाने में ज्यादा विकल्प और सुरक्षा दी है। प्रावधानों में कमी और एनपीए की कम दर यह दर्शाती है कि बैंक का फोकस सुरक्षित और भरोसेमंद बैंकिंग पर है। तिमाही के दौरान प्रावधान (प्रोविज़न) में 3.7% की तिमाही-दर-तिमाही कमी दर्ज की गई।इस तरह, बैंकिंग सेवाओं और निवेश के अवसरों के मामले में ग्राहक अब स्मार्ट, सुरक्षित और फ्यूचर-रेडी विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं।



