
वास्तु टिप्स: घर में साफ-सफाई और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना बहुत जरूरी है, लेकिन ज्यादातर लोग एक ऐसी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा का बड़ा स्रोत बन सकती है, वह है कूड़ेदान या डस्टबिन। वास्तु शास्त्र में कूड़ेदान को घर की गंदगी और बेकार चीजों का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे सही जगह पर रखना घर की शांति, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों पर सीधा असर डालता है।

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गलत दिशा में रखा कूड़ेदान मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, पारिवारिक कलह और यहां तक कि तरक्की में रुकावट पैदा कर सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं वास्तु के अनुसार कूड़ेदान रखने की सही नियम, आदर्श दिशाएं और वे गलतियां जो अक्सर लोग करते हैं।
कूड़ेदान रखने की दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार कूड़ेदान को उन दिशाओं में रखना चाहिए जहां नकारात्मक ऊर्जा आसानी से बाहर निकल सके। मुख्य रूप से ये दिशाएं सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं।
दक्षिण-पश्चिम
यह सबसे आदर्श दिशा है। वास्तु में दक्षिण-पश्चिम को स्थिरता और पृथ्वी तत्व से जोड़ा जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखता है। यहां कूड़ेदान रखने से धन-समृद्धि बनी रहती है और लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ज्यादातर वास्तु विशेषज्ञ इसी दिशा की सलाह देते हैं।
दक्षिण
दक्षिण दिशा भी कूड़ेदान रखने के लिए अच्छी मानी जाती है। यहां से नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे घर में शांति बनी रहती है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
पश्चिम
पश्चिम दिशा में भी कूड़ेदान रखना शुभ होता है। इस दिशा में डस्टबिन रखने से घर की नेगेटिविटी बाहर जाती है।
उत्तर-पश्चिम के पश्चिम हिस्से में या दक्षिण-पूर्व के पूर्व हिस्से में वैकल्पिक तौर पर कूड़ेदान रखा जा सकता है, लेकिन मुख्य प्राथमिकता दक्षिण-पश्चिम को ही देना चाहिए।
इन दिशाओं में कूड़ादान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और आर्थिक-मानसिक समस्याएं कम होती हैं।
इन दिशाओं में न रखें कूड़ा
वास्तु में कुछ दिशाएं ऐसी हैं, जहां कूड़ेदान रखना बड़ा दोष माना जाता है। ये गलतियां आम हैं, लेकिन इनका असर गहरा होता है।
उत्तर-पूर्व
यह सबसे पवित्र दिशा है, जहां देवी-देवताओं का वास माना जाता है। यहां कूड़ेदान रखने से मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ता है, तनाव बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता कम होती है और घर में नकारात्मक का प्रवाह होने लगता है। कई लोग इसे किचन या बाथरूम के पास रख देते हैं, जो बड़ा वास्तु दोष है।
पूर्व दिशा
पूर्व सूर्योदय और नई शुरुआत की दिशा है। यहां कूड़ेदान रखने से अकेलापन महसूस होता है, तरक्की रुकती है और रिश्तों में दूरी आ सकती है।
उत्तर दिशा
उत्तर को धन और करियर की दिशा माना जाता है। यहां डस्टबिन रखने से आर्थिक हानि, करियर में रुकावट और दरिद्रता आ सकती है।
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उत्तर-पश्चिम
कुछ स्रोतों में इसे पूरी तरह वर्जित बताया गया है, क्योंकि इससे पारिवारिक रिश्तों में कलह और आर्थिक नुकसान होता है।
कई बार लोग किचन या लिविंग एरिया में कूड़ेदान रख देते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से ये घर की किस्मत पर ताला लगा सकती हैं।
अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम
रंग का चुनाव
कूड़ादान हमेशा हल्के रंगों का होना चाहिए जैसे-सफेद, हल्का नीला, हरा या ग्रे। गहरे रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
ढक्कन जरूरी
कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला हो और ढक्कन बंद रखें। खुले डस्टबिन से बदबू और गंदगी फैलती है, जो नेगेटिव एनर्जी को बढ़ाती है।
रोजाना सफाई
कूड़ेदान रोज खाली करें और साफ रखें। गंदगी जमा होने से वास्तु दोष बढ़ता है।
प्रवेश द्वार और पूजा घर से दूर रखें
कूड़ादान कभी भी मुख्य दरवाजे पर या पूजा घर के आसपास न रखें। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और नकारात्मक विचार आते हैं।
बेडरूम में न रखें
बेडरूम में कूड़ेदान रखना वास्तु के खिलाफ है। इससे नींद खराब होती है और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
टूटा-फूटा कूड़ेदान
अगर कूड़ेदान टूट जाए या खराब हो जाए तो तुरंत बदल दें। पुराना या टूटा डस्टबिन नकारात्मक ऊर्जा को और बढ़ाता है।
अन्य उपाय
कूड़ेदान के पास समुद्री नमक का कटोरा रखें, जो नेगेटिविटी सोख लेता है। अलग-अलग प्रकार के कचरे के लिए अलग बिन रखें (ड्राई, वेट, रिसाइकल)।
कूड़ेदान जैसी छोटी सी चीज घर की ऊर्जा को पूरी तरह बदल सकती है। अगर आपकी जिंदगी में बार-बार तनाव, आर्थिक समस्या या रिश्तों में दूरी आ रही है, तो एक बार कूड़ेदान की जगह चेक करें। अगर वह गलत दिशा में रखा हो तो उसे सही दिशा में रखें।
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