टी20 विश्व कप का मिशन शुरू: न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 की धमाकेदार जीत ने तय किया टीम इंडिया का मुख्य खाका

भारत को आगामी टी20 विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने के लिए जरूरी विस्फोटक ताकत मिल गई है

तिरुवनंतपुरम। न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को यहां खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान पहले ओवर की तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा ने तेज गेंदबाज जैकब डफी को छक्का जड़ा, जिसकी कप्तान सूर्यकुमार यादव ने डगआउट से सिर हिलाकर सराहना की।भारतीय कप्तान तब नॉन-स्ट्राइकर छोर पर थे जब ईशान किशन ने काइल जैमीसन की तेज उछाल वाली गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से छह रन के लिए भेजा। सूर्यकुमार ने एक बार फिर सराहना में सिर हिलाया।

सूर्यकुमार की इस खुशी के दो कारण हो सकते हैं। भारत को आगामी टी20 विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने के लिए जरूरी विस्फोटक ताकत मिल गई है तथा दूसरा टीम के पास शीर्ष क्रम में अभिषेक, सूर्यकुमार और किशन के रूप में तीन ऐसे बल्लेबाज मिल गए हैं जो टीम की रणनीति पर अच्छी तरह से अमल कर सकते हैं।कुल मिलाकर न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से भारत को सात फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी वास्तविक टीम का खाका मिल गया है और अब वह जानती है कि उसे आईसीसी के इस टूर्नामेंट में किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरना है।

शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज अभिषेक, किशन और सूर्यकुमार अब आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। इनमें किशन की कहानी सबसे दिल छू लेने वाली है। एक साल पहले तक उनके पास बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध भी नहीं था लेकिन अब वह टीम प्रबंधन की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।अभिषेक और सूर्यकुमार को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन वे ज्यादातर मैदान से ही संबंधित थीं।दूसरी तरफ किशन को अपने भीतर के डर पर भी काबू पाना था और न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में उनके प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि उन्होंने इसमें शानदार काम किया है।

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने चार मैचों में 231.18 के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए। किशन को चार मैच खेलने का मौका मिला लेकिन इनमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके विश्व कप में भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज की दौड़ में संजू सैमसन को पीछे छोड़ दिया है।सूर्यकुमार ने किशन के बारे में कहा,हम जानते थे कि ईशान किशन क्या खास कर सकता है। इस श्रृंखला से पहले उसने घरेलू क्रिकेट में कैसा प्रदर्शन किया है हम सभी इस बारे में जानते थे। हम सभी चाहते थे कि वह अपने नैसर्गिक अंदाज में ही बल्लेबाजी करें और अपनी पहचान नहीं बदले।

उन्होंने कहा, वह घरेलू क्रिकेट में पारी का आगाज कर रहे थे और यहां उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की। लेकिन हम चाहते थे कि वह मैच का रूख पलटने वाले खिलाड़ी साबित हों और उन्होंने मैदान पर उतरकर ऐसा ही किया।सूर्यकुमार ने इस तरह से संकेत दे दिया कि विश्व कप में अभिषेक के साथ किशन ही पारी की शुरुआत करेंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि शीर्ष क्रम में किशन के शामिल होने और उनके तेज गति से रन बनाने से सूर्यकुमार, हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे जैसे मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर से बोझ कम हो गया है।भारतीय कप्तानी ने कहा, ‘‘पहले मैच से ही मुझे किशन और अभिषेक शर्मा के साथ बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आया। मुझे लगता है कि जब वे दोनों साथ खेलते हैं, तो विपक्षी टीम को पूरी तरह से मुकाबले से बाहर कर देते हैं। इससे मध्य क्रम और फिनिशरों पर भी दबाव बहुत कम हो जाता है।

यहां खेले गए पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इसकी पुष्टि हो गई। हार्दिक जब बल्लेबाजी करने के लिए उतरे तो उन्हें किसी तरह का जोखिम उठाने की जरूरत नहीं थी क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला शतक बनाने वाले किशन पहले ही मजबूत आधार तैयार कर चुके थे। हार्दिक ने 17 गेंद पर 42 रन की तूफानी पारी खेली लेकिन इसमें उन्होंने किसी तरह का जोखिम नहीं लिया। इस दौरान वह अधिक स्वच्छंद होकर खेलते हुए दिखे।सूर्यकुमार की शानदार फॉर्म में वापसी ने भी भारत के टी20 में खेलने के तरीके को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुंबई के इस खिलाड़ी ने श्रृंखला में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। यह रन उन्होंने 196.74 के स्ट्राइक रेट से बनाए, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं।

उन्होंने कहा,ज़ाहिर है, खुशी हो रही है। टीम की कप्तानी करते समय रन बनाना हमेशा अच्छा होता है। आप हमेशा कप्तान के रूप में उदाहरण पेश करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि 2025 में भी वही सूर्या था और यह भी वही सूर्या है।कप्तान ने कहा,बस इतना था कि मैं रन नही बना पा रहा था। लेकिन मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, मानसिक रूप से बहुत सकारात्मक हूं और टीम में जो कुछ हो रहा है उससे बहुत खुश हूं।लेकिन बल्लेबाजी ही एकमात्र ऐसा विभाग नहीं है जहां भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है।अर्शदीप सिंह ने श्रृंखला में आठ विकेट लिए जो सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री वाले मैदानों पर कोई मामूली उपलब्धि नहीं है।

सूर्यकुमार ने कहा,जिस तरह से हमने इस मैच में सात आठ ओवर के बाद वापसी की उससे पता चलता है कि मैच सिर्फ पावर प्ले में ही नहीं जीता जाता, बल्कि वापसी करने के तरीके पर भी काफी कुछ निर्भर करता है। जिस तरह से अर्शदीप, वरुण, अक्षर और सभी ने वापसी की, उससे मैं बहुत खुश हूं।जसप्रीत बुमराह के लिए यह अच्छा दिन नहीं था और उन्होंने चार ओवर में 58 रन लुटाए लेकिन अर्शदीप में पांच विकेट लेकर दिखा दिया कि वह अब टीम के मुख्य तेज गेंदबाज का सच्चा साथी बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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