ट्रंप ने कनाडा को फिर धमकाया, कहा- क्यूबा से तेल सप्लाई किया, तो लगा देंगे 50% टैरिफ

अमेरिका और कनाडा के बीच फिर तेज हुआ टकराव

वॉशिंगटन। अमेरिका और कनाडा के बीच एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। दरअसल,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से कनाडा को टैरिफ की धमकी दी है। इसके साथ ही ट्रंप ने क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर भी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। कनाडा के खिलाफ अपने व्यापारिक रुख को और सख्त करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि, संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचे जाने वाले कनाडाई विमानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। इस धमकी को अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में नवीनतम बढ़ोतरी माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को चेतावनी दी थी।

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मैक्सिको ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच गुरुवार को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत उन देशों से आने वाले किसी भी सामान पर टैरिफ लगाया जाएगा, जो क्यूबा को तेल बेचते या सप्लाई करते हैं। ट्रम्प के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर मैक्सिको पर पड़ेगा। दरअसल,, ट्रंप मैक्सिको पर क्यूबा से दूरी बनाने का दबाव बना रहे हैं। इधर, इसी सप्ताह में मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा था कि उनकी सरकार ने क्यूबा को तेल की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी है। उन्होंने कहा कि, ये फैसला अमेरिका के दबाव में नहीं लिया गया। यह एक संप्रभु फैसला था और संयुक्त राज्य अमेरिका के दबाव में नहीं लिया गया था।

क्यों आया ट्रंप को गुस्सा

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कनाडाई विमानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी देते हुए ट्रम्प ने कहा कि, यह कदम जॉर्जिया के सवाना में गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस द्वारा निर्मित विमानों को प्रमाणित करने से कनाडा सरकार के इनकार के जवाब में उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि, अगर स्थिति को तुरंत नहीं संभाला गया, तो अमेरिका कनाडा से आयात किए जाने वाले सभी विमानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा।

ट्रम्प ने यह भी कहा, टैरिफ लगाने के बाद भी कनाडा ने अगर चीजें ठीक नहीं कि, तो अमेरिका बॉम्बार्डियर द्वारा बनाए गए विमानों सहित सभी कनाडाई विमानों का सर्टिफिकेशन रद्द कर सकता है। इससे पहले, ट्रम्प ने कनाडा के खिलाफ 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि, अगर कनाडा चीन के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर आगे बढ़ेगा, तो हम उस पर सौ फीसदी टैरिफ लगाएंगे। हालांकि, धमकी में टैरिफ लागू करने की कोई समय सीमा नहीं बताई गई है।

मार्क कार्नी को कड़ी चेतावनी

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इससे पहले, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, कि US-कनाडा-मेक्सिको ट्रेड एग्रीमेंट की समीक्षा से पहले अमेरिका से पंगा लेना कनाडा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, ये वही समझौता है, जो कनाडा को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारी टैरिफ नीतियों से काफी हद तक बचाता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले हफ्ते स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने बड़ी शक्तियों द्वारा छोटे देशों पर “आर्थिक दबाव” डालने की आलोचना की थी। इसे अमेरिकी व्यापार नीति पर सीधा हमला माना गया।

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तेज हुई जुबानी जंग

इस भाषण के बाद से कार्नी और ट्रंप प्रशासन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शनिवार को कनाडा को चेतावनी दी थी कि, अगर वह चीन के साथ कोई नया व्यापार समझौता करता है, तो वह कनाडा से आने वाले सामानों पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं। इसका मतलब होगा कि कनाडा का सामान अमेरिका में दोगुनी कीमत पर बिकेगा। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा कि, “USMCA बातचीत से पहले झगड़ा मोल लेना और सस्ते राजनीतिक फायदे ढूंढना अच्छा विचार नहीं है। आप या तो अपने राजनीतिक करियर के लिए काम कर रहे हैं या कनाडा के लोगों के लिए।”

स्कॉट बेसेंट ने कार्नी पर कसा तंज

स्कॉट बेसेंट ने कार्नी के पिछले काम पर भी तंज कसते हुए कहा, “मैंने देखा है कि, जब कोई टेक्नोक्रेट (जैसे सेंट्रल बैंक का अधिकारी) अचानक राजनेता बनने की कोशिश करता है, तो क्या होता है। इसका नतीजा आमतौर पर अच्छा नहीं होता।” बेसेंट का इशारा था कि, कार्नी पहले सेंट्रल बैंक के प्रमुख थे और अब कड़े राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और कार्नी ने सोमवार को फोन पर भी बात की थी। इसके बाद, बेसेंट ने एक बयान जारी कर कहा कि, कार्नी दावोस में दिए गए अपने बयानों से पीछे हट रहे हैं, लेकिन बेसेंट के इस बयान के अगले ही दिन कार्नी ने स्पष्ट कर दिया कि, “मैंने दावोस में जो कहा, मेरा मतलब वही था। मैंने राष्ट्रपति से भी यही बात कही।” इससे पता चलता है कि दोनों नेताओं के बीच अभी भी मतभेद है।

USMCA समझौता क्या है?

USMCA समझौता 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान साइन किया गया था। हालांकि, ट्रंप अब कह रहे हैं कि, “मुझे इस समझौते की ज़्यादा परवाह नहीं है।” फिर भी, बेसेंट ने उम्मीद जताई है, “आखिरकार, हम एक अच्छे नतीजे पर पहुंचेंगे, भले ही रास्ता सीधा न हो।” इसका मतलब है कि, अभी भले ही टकराव हो, लेकिन बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है।

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