लखनऊ में पेट्रोल—डीजल के रेट में वृद्धि जारी

लखनऊ में पेट्रोल—डीजल के रेट में लगातार वृद्धि जारी है और बुधवार को पेट्रोल पम्पों पर पेट्रोल का रेट 101 रुपये 60 पैसे और डीजल का रेट 93 रुपये 61 पैसे पहुंच गया। बीते एक सप्ताह में पेट्रोल का रेट दो रुपये तक और डीजल का रेट तीन रुपये तक बढ़ा है।

लखनऊ के 1090 चौराहे के निकट स्थित पेट्रोल पम्प के मालिक अर्चित अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की तरह से लखनऊ में भी पेट्रोल-डीजल का रेट बढ़ा है। पेट्रोल पम्प संचालक तो पेट्रोल डीजल को कम मुनाफा रखकर ही बेच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने का कारण राज्य सरकार का टैक्स ही है। टैक्स में कमी होने पर पेट्रोल पम्प संचालक रेट में कमी कर सकते हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों का कारण भी वर्तमान व्यवस्था में पेट्रोल-डीजल को लेकर बैठकों का नहीं होना है। सरकार के साथ पेट्रोल पम्प एसोसिएशन की बैठक हुए करीब एक वर्ष से ज्यादा वक्त बीत चुका है।

परिवर्तन चौक स्थित पेट्रोल पम्प पर अपने वाहन में पेट्रोल डलाकर निकले समाजसेवी रविकांत ने कहा कि उनकी कार पेट्रोल से संचालित है और उसका रेट आसमान छू रहा है। पहले पांच सौ रुपये में पूरे दिन गाड़ी दौड़ती थी। अभी तो सात सौ रुपये का पेट्रोल डलाने पर ही दिन पर वाहन का पहिया घूमता है।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों केन्द्रीय वित्त मंत्री के लखनऊ में बैठक की जानकारी पर वह प्रसन्न थे लेकिन बैठक के बाद मायूसी हाथ में आयी। जो कोई निर्णय होता तो जनता का भलां हो ही जाता।

भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी महेन्द्र दीक्षित ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का भारतीय मजदूर संघ ने सबसे पहले विरोध किया था। हमने लागत मूल्य घोषित कराने की भी मांग की हुई है। बनने वाली वस्तु का लागत मूल्य घोषित होना जरूरी है। जिससे जनसामान्य के महंगे मूल्य की वस्तुओं से निजात मिलेगी। इसमें पेट्रोल-डीजल भी शामिल है।