टोपी ने गर्म की यूपी की सियासत, अखिलेश और सीएम योगी में छिड़ी तीखी बहस

उत्तर प्रदेश की सियासत बुधवार को टोपी के इर्द-गिर्द घूमते नजर आई। दरअसल, पहले जहां सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा ने विपक्षी नेताओं के टोपी पहनकर विरोध करने पर तंज कसा। वहीँ अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके इस तंज पर पलटवार किया है। कुल मिलाकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच टोपी को लेकर जंग छिड़ती नजर आ रही है।

योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विपक्ष पर बोला हमला

दरअसल, बुधवार को योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में अपने भाषण में कहा कि कहीं हमारी इस विधायिका को लोग कोई ड्रामा कम्पनी न समझ लें। कोई लाल टोपी, कोई नीली टोपी, कोई पीली टोपी, कोई हरी टोपी पहन कर आता है। एक नई परिपाटी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा तो कभी नहीं होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पता नहीं ये लोग घर पर पहनते हैं या नहीं।

उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ढाई साल का बच्चा टोपी पहने व्यक्ति को गुंडा समझता है। वह अपनी मां से लिपट कर टोपी पहने व्यक्ति को गुंडा बोलता है। उन्होंने कहा कि यह धारणा सामान्य रूप से बन चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि कि अगर पगड़ी या साफा पहन कर आते तो अच्छा लगता।

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस भाषण पर पलटवार करते हुए कहा ​कि मुख्यमंत्री टोपी वाली बात कर रहे हैं। वह लाल टोपी से क्यों घबरा रहे हैं। उन्हें लाल टोपी से किस बात का डर है। लाल टोपी उन्होंने स्वयं लगाई है और टोपी को गाली दे रहे हैं।

अखिलेश ने सपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान टोपी पहने हुए तस्वीरें प्रदर्शित करते हुए कहा मुख्यमंत्री भी लाल रंग की टोपी लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के टोपी पहनने पर तंज कसने वाली भाषा को लेकर कहा कि लग रहा है वह अपनी टोपी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा जितने शब्द कहे गए हैं मुख्यमंत्री अपने लिए कह रहे थे।

अखिलेश यादव ने पाटी के प्रदेश मुख्यालय में अहमदाबाद में स्टेडियम के शुभारम्भ पर कहा कि हमने तो लखनऊ के स्टेडियम का नाम भगवान विष्णु के नाम पर रखा था। हमें कोई आपत्ति नहीं है कि कोई अपने नेता के नाम पर स्टेडियम का नाम रखे। लेकिन, भगवान से आगे किसी नेता का नाम नहीं हो सकता। भाजपा बताएं आखिर ऐसी गलती क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि हट जाओ सरकार से, नौ महीने में हम नया स्टेडियम बना देंगे। उन्होंने कहा सरकार के पास अब इतना ही समय है। यह दूसरों का काम अपना बताने में लगे हैं।

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सपा अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के बजट पर कहा कि यह सरकार का विदाई बजट है। इसमें न तो छात्रों को लैपटॉप और डाटा देने की बात कही गई है और न भाजपा द्वारा चुनावी वादों को पूरा किया गया है। वहीं, प्रदेश में अपराध बढ़ने की बात पर अखिलेश यादव ने कहा कि आखिर कितने मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने खुद पर लगे मुकदमें वापस ले लिए हैं?