
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। सीएम धामी ने गंगा मैया से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए भी प्रार्थना की।
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25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। मोदी बीते 25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा कर रहे हैं
इसी महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने मां गंगा का आशीर्वाद लेते हुए राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की। पूजन के दौरान कैबिनेट के सहयोगी मंत्री भी मौजूद रहे और सभी ने गंगा आरती में प्रतिभाग किया।
हरकी पैड़ी पर आस्था का संगम
हरकी पैड़ी हरिद्वार का सबसे प्रमुख घाट है और गंगा आरती के लिए देश-दुनिया में पहचाना जाता है। हरिद्वार को धर्मनगरी कहा जाता है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और आरती के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक से पहले इसी घाट पर पूजन का आयोजन अपने आप में खास संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ गंगा पूजन और आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक के लिए रवाना हुए। धर्मनगरी में बैठक का आयोजन राज्य सरकार की एक बड़ी पहल का हिस्सा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य शासन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के और अधिक निकट लाना है। साथ ही स्थानीय विकास और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना भी इसका लक्ष्य है।
पारंपरिक रूप से कैबिनेट बैठकें राजधानी देहरादून के सचिवालय में होती रही हैं। पर्वतीय और मैदानी, दोनों तरह के भौगोलिक क्षेत्रों वाले उत्तराखंड जैसे राज्य में अलग-अलग जिलों में बैठक करने से स्थानीय जरूरतों को सीधे समझने का मौका मिलता है। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय आवश्यकताएं शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ती हैं और विकास कार्यों को गति मिलती है।
बनबसा से हरिद्वार तक
इससे पहले 4 अक्टूबर को चम्पावत जनपद के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। बनबसा नेपाल सीमा से सटा क्षेत्र है। उस बैठक में राज्यहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।

अब हरिद्वार में हो रही बैठक इसी पहल की अगली कड़ी है। एक सप्ताह के भीतर राज्य के दो अलग-अलग छोर, यानी नेपाल सीमा से लगे चम्पावत और गंगा किनारे बसे हरिद्वार, में कैबिनेट बैठक होना सरकार की इस नीति को दर्शाता है कि शासन केवल राजधानी तक सीमित न रहे।
विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी प्रार्थना में विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि को भी शामिल किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति और जनकल्याण ही सरकार का मूल लक्ष्य है। प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से यह आध्यात्मिक आयोजन उनके प्रति सम्मान और शुभकामना का प्रतीक माना जा रहा है।
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