किसानों के खाते में सीधे पहुंचा 493 करोड़ का मुआवजा, सीएम योगी बोले- ‘अब बिल नहीं, बिजली आती है’

गोरखपुर। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी। पिछले एक सप्ताह में हुए भारी नुकसान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, डबल इंजन सरकार ने मात्र 8-10 दिनों के रिकॉर्ड समय में फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा सुनिश्चित किया है। पूर्ववर्ती सपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बिजली नहीं आती थी, सिर्फ बिल आता था, लेकिन आज किसानों को बिना बिल के निर्बाध बिजली मिल रही है।

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बड़े पैमाने पर हुआ है फसलों को नुकसान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि, पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने न सिर्फ फसलों को नुकसान पहुंचा है बल्कि जनहानि और पशुहानि भी हुई है, लेकिन जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। डबल इंजन की सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के अंदर अपने अन्नदाता किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। 2017 के पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व की सरकार में प्रदेश में बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल आता था। अब स्थिति बदल गई है। अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि बिजली आती है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे भेजी जा रही है। इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

सीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गये थे,  मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता में शामिल नहीं है, बल्कि अलग से दी जा रही है। उन्होंने कहा, जिन लोगों के मकान बाढ़ में पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई जनहानि होती है, तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खाते में पहुंचा पैसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जनपदों की डिजिटल क्रॉप सर्वे रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है, वहां के किसानों को तुरंत सहायता दी गई है। यह रकम डीबीटी के जरिये सीधे अन्नदाता किसान के बैंक खाते में पहुंच रही है। सरकार ने यह भी पक्का किया है कि बीच में कोई बिचौलिया न रहे। अगर किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये की सहायता मंजूर हुई है, तो पूरे 25 हजार रुपये ही उसके खाते में जाएंगे।

पहले हड़प लिया जाता था गरीबों का पैसा

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय खुद राजीव गांधी ने माना था कि सरकार 100 रुपये भेजती है, लेकिन जमीन तक पहुंचते-पहुंचते सिर्फ 15 रुपये बचते हैं। कांग्रेस और सपा के लोग बीच में ही पैसा हड़प लेते थे। अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की ओर से दी जाने वाली मदद सीधे लाभार्थी के खाते में जाती है और बीच में कोई सेंधमारी नहीं कर सकता। संकट की घड़ी में किसानों को राहत देने के लिए आज 493 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं। सरकार किसानों के साथ हर हाल में खड़ी है और हर तरह की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारत सरकार ने उस समय 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए। शेष राशि कहां गई कोई नहीं जानता।

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2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हुदहुद चक्रवात में किसानों को मिली सहायता की स्थिति की जांच कराई, तो पता चला कि पूरा पैसा किसानों तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद अलग से धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। सीएम ने कहा, समाजवादी पार्टी ने किसानों का पैसा खाया था, और किसानों का श्राप ही उसे लेकर डूब गया। विपक्ष समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करता है, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटता।

 अर्ली वार्निंग सिस्टम से दी जाती है आपदा बचाव की जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम विकसित करने पर भी काम किया है। पहले आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती थी। अब कई जनपदों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो संभावित आकाशीय बिजली की जानकारी पहले ही उपलब्ध कराते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से अगर कोई किसान, बटाईदार, किसान या बटाईदार के परिवार का सदस्य आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत संबंधित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

पहले भी 1.29 लाख किसानों को मिली सहायता

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में किसानों को मुआवजा मिलना ही मुश्किल था और मिलता भी था तो दो, चार या 15 रुपये जैसी मामूली रकम। अब सरकार किसानों के हित में काम कर रही है, जिसके एजेंडे में अन्नदाता किसान, युवा, महिलाएं और गरीब हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा सहायता से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसमें फसल क्षति के लिए 1,29,326 किसानों को 78 करोड़ 75 हजार रुपये दिए गए। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225 करोड़ 93 लाख रुपये की मदद पहले ही बांटी जा चुकी है। आज कुछ किसानों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक डमी चेक दिए गए, जबकि असली रकम उनके बैंक खातों में पहले ही पहुंच चुकी है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अन्नदाता किसानों के हित में बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने आते ही लघु और सीमांत किसानों की कर्जमाफी के तहत 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। प्रदेश में 16 लाख निजी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की गई है। सरकारी ट्यूबवेल से पहले से ही मुफ्त सिंचाई उपलब्ध थी। इसके अलावा नहरों का जाल बिछाया गया है और प्रदेश में 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं और सिंचाई की अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

मंच पर इन्हें मिला सहायता धनराशि का चेक
नाम राशि
रेशमा देवी 1,20,000 रुपये
चंदन कुमार पासवान 1,20,000 रुपये
इंद्रावती देवी 1,20,000 रुपये
सविता देवी 1,20,000 रुपये
छुन्नी देवी 1,20,000 रुपये
सीमा देवी 1,20,000 रुपये
बिरैची 25,670 रुपये
बेचन प्रसाद 22,951 रुपये
जोखन 22,841 रुपये
संपत 22,372 रुपये
परमहंस 22,219 रुपये
चंद्रप्रकाश द्विवेदी 11,811 रुपये
धरणीधर 11,808 रुपये
गिरजापति त्रिपाठी 34,000 रुपये
कमलेश 26,520 रुपये
राम दरश 27,914 रुपये
जनार्दन प्रसाद 24,000+ रुपये
राणा प्रताप सिंह 22,355 रुपये

इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ला, डॉ विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, श्रवण कुमार निषाद और राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी समेत गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

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