दुबई में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में स्टैंडिंग ओवेशन, भारतीय समुदाय बोला- ‘आपने बढ़ाया देश का मान’

दुबई। फ्लाईदुबई की एक उड़ान को कथित हमले से बचाने के दौरान गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत में सुधार हो रहा है। बीते महीने के आखिर में हुई इस घटना के बाद से उन्हें लगातार सम्मान मिल रहा है। दुबई में हुए एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों ने उनके साहस की जमकर सराहना की और कहा आपने देश का मान बढा दिया। खबर ये है कि स्मिथ की सेहत में अब सुधार हो रहा है। अस्पताल में वे अपने बिस्तर से उतरकर कुछ कदम चले भी हैं। उनका इलाज दुबई के एक मिलिट्री सेंटर में चल रहा है।

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सभागार में गूंजीं तालियां

इंडियन पीपल्स फोरम (आईपीएफ) यूएई के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कार्यक्रम में कहा कि मच्छार का फैसला केवल उनके प्रशिक्षण और जानकारी पर नहीं, बल्कि उनके मूल्यों पर भी आधारित था। कार्यक्रम का समापन खचाखच भरे सभागार में खड़े होकर तालियां बजाने (स्टैंडिंग ओवेशन) के साथ हुआ। दुबई में रहने वाली भारतीय वकील सुधा ने कहा कि, समुदाय के लोग उन्हें खुद सम्मानित करना चाहते हैं। मच्छार ने पूरे भारतीय समुदाय का मान बढ़ाया है।

क्या थी घटना

फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। कथित तौर पर इसी उड़ान में मच्छार के को-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की। को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। उसने मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

smit machhar

एक रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान में सवार 182 लोगों को ले जा रहे विमान को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबूक की ओर मोड़कर आपात लैंडिंग कराई गई। रिपोर्ट ये भी है कि हमले के वक्त विमान कुछ ही सेकंड में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया, जिससे यात्री घबरा गये। संकट के संकेतों में गैरकानूनी दखल से जुड़ा कोड भी था, जिससे अपहरण की आशंका फैली और इजरायल ने तत्काल हवा में ही विमान के आसपास अपने लड़ाकू विमान तैनात कर दिए।

कॉकपिट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और केबिन का दरवाजा खोल दिया। शोर सुनकर यात्री और कर क्रू मेंबर कॉकपिट में घुस गये और हमलावर को काबू में कर लिया। इससे विमान में सवार करीब 174 से 180 लोगों की जान बची।

‘मैं अपनी जान के लिए लड़ रहा था’

बाद में मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर बात की। अस्पताल से हुई इस बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का एहसास था कि, यात्रियों को बचाने के लिए उन्हें किसी भी तरह उठना होगा। हमले को याद करते हुए वह भावुक हो गए और कहा कि उस पल वह अपनी जान के लिए लड़ रहे थे।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार से बात की और उनकी खुले दिल से तारीफ की। नेतन्याहू ने कहा कि, भारतीय पायलट ने 174 लोगों की जान बचाई और इसके लिए पूरा इजरायल उनका आभारी है।

जांच में जुटीं कई देशों की एजेंसियां

इस बीच को-पायलट हमाम अल-हम्ममी के कामों और उसकी पृष्ठभूमि की कई देशों में जांच चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक उससे यूएई और इजरायल के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। इजरायली जांचकर्ताओं को भी यूएई भेजा गया है, ताकि स्थानीय जांच में मदद की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि हमले के पीछे कोई बाहरी हाथ तो नहीं था। इजरायल ने इसे आतंकी हमला बताया है, लेकिन जांच जारी है और हमले का मकसद आधिकारिक तौर पर साफ नहीं हुआ है।

कौन हैं स्मित मच्छार

स्मित मच्छार फ्लाईदुबई में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन रहे। उन्होंने 2011 से 2022 तक मुंबई में स्पाइसजेट के साथ काम किया और जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े। उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 10 साल से ज्यादा का अनुभव है और वह अब तक 9,500 से ज्यादा घंटे की उड़ान भर चुके हैं।

फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजरायल, यूएई और भारत में उनकी खूब तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू दोनों उनकी सराहना कर चुके हैं।

 

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