संभल में भड़की हिंसा की तपिश से जल उठे ओवैसी, लोगों की मौत पर खड़े किये सवाल

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान उठी सांप्रदायिक जांच की आग हैदराबाद तक पहुंच गई है। दरअसल, संभल में भड़की हिंसा को लेकर बीते रविवार को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की जांच की है। इसके अलावा उन्होंने इस हिंसक घटना में हुई चार लोगों की मौत को लेकर  पुलिस कार्रवाई की निंदा भी की है।

हैदराबाद के सांसद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम्हें कितने लोगों का खून चाहिए? जो तुम्हारी बेरंग धरती को खिलने पर मजबूर कर सके। कितनी आहें तुम्हारे दिल को ठंडक पहुंचाएंगी। कितने आंसू तुम्हारे रेगिस्तान को फूलों से भर देंगे। हम संभल में पुर-अमन एहतिजाज (शांति बनाए रखने) करने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फायरिंग करने कि हम कड़ी निंदा करते हैं, पुलिस की फायरिंग में तीन नौजवानों की मौत हुई है।

उन्होंने आगे लिखा अल्लाह से दुआ है के अल्लाह मरहूमीन को मग़फ़िरत अदा करे (क्षमा करे) और उनके घर वालों को सब्र ए जमील अदा (धैर्य प्रदान) करे। इस हादसे की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। जो अफ़सर ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होनी चाहिए।

संभल में भड़की हिंसा से पहले ओवैसी ने की थी टिप्पणी

एआईएमआईएम नेता ने पहले टिप्पणी की थी कि बाबरी मस्जिद के फैसले ने हिंदुत्व समूहों को पूरे भारत में मुस्लिम समुदाय के पूजा स्थलों को निशाना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

कैसे शुरू हुई हिंसा

आपको बता दें कि बीते रविवार को कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने पहुंची टीम पर और वहां मौजूद पुलिस बल पर भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इसके अलावा इन लोगों ने जमकर पथराव भी किया। केवल इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने कई वाहन में आग भी लगा दिए।

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संभल में भड़की हिंसा के दौरान जब पुलिस ने इस भीड़ को टाटार बितर करने के लिए हलके बल का प्रयोग किया। तो तीन गुटों में बटी भीड़ में से कुछ लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके फायरिंग में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। इसके अलावा चार लोगों की मौत भी हो गयी हैं।

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