
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने सपा की नीतियों, उसके इतिहास और अखिलेश के बयानों पर सवाल उठाए। अमरपाल मौर्य ने कहा कि जब-जब प्रदेश में सपा की सरकार रही, तब-तब महापुरुषों का अपमान हुआ।
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मौर्य ने सपा शासन की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय के ताकतवर मंत्री आजम खान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भू-माफिया कह दिया था, फिर भी अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पूछा कि ऐसे में अखिलेश किस मुंह से महापुरुषों के सम्मान की बात करते हैं।
गेस्ट हाउस कांड और महिलाओं से दुर्व्यवहार
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर मौर्य ने कहा कि सपा शासन में दलित समाज की नेता मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में चीरहरण की कोशिश हुई, जिसे पूरा देश जानता है। उन्होंने कहा कि जब सपा के अपने नेता ऐसे कामों में शामिल होते हैं, तब पार्टी की नैतिकता कहां चली जाती है।
चुनाव आयोग पर सपा का दोहरा रवैया
चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों को लेकर मौर्य ने कहा कि सपा जीतती है तो उसे आयोग बिल्कुल ठीक लगता है, लेकिन हारते ही वह आयोग पर उंगली उठाने लगती है। उन्होंने इसे सपा का दोहरा चरित्र और दोहरा मापदंड बताया।
लोहिया की आत्मा रो रही होगी: प्रकाश पाल
राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के समाजवाद पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया ने जिस समाजवाद को आगे बढ़ाया था, वह अखिलेश के नेतृत्व में अब सिर्फ एक परिवार तक सीमित रह गया है। उनके मुताबिक सपा अब समाजवादी नहीं, परिवारवादी पार्टी बन चुकी है और स्वर्ग में बैठे लोहिया जी की आत्मा यह देखकर रो रही होगी।
सपा और इंडी गठबंधन को सच बोलने की चुनौती
प्रकाश पाल ने अखिलेश और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि आरोप लगाएं तो सच्चे मुद्दों पर लगाएं और आरोप लगाकर भागें नहीं। उन्होंने कहा कि झूठे बयानों से माहौल बिगाड़ने की राजनीति बंद होनी चाहिए।
दिल्ली के प्रदर्शन और ‘कॉकरोच’ पर तंज
दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि जिनमें चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं बची, वे अब कॉकरोचों के सहारे राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच की तरह ऐसे लोग भी एक बार उलट जाएं तो खुद सीधे नहीं हो पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार की घटनाओं को दबाने और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में ईवीएम मुद्दा नहीं था
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पूरा इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भागने की राजनीति करता है। त्रिपाठी के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तो अखिलेश के लिए न ईवीएम मुद्दा था, न चुनाव आयोग पर कोई सवाल, बल्कि तब आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी संस्था था। उन्होंने कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में हार सामने दिख रही है, इसलिए अखिलेश पहले से बहाने ढूंढ रहे हैं और चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।
सपा सरकार में महिला अपराध में यूपी शीर्ष पर था
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश को घेरा। उन्होंने कहा कि अखिलेश के मुंह से महिला सम्मान की बात शोभा नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा और दुष्कर्म के आरोपी नेता तक मंत्री पद पर बैठे रहे।
महापुरुषों से सीख नहीं लेते अखिलेश
डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर अखिलेश के बयानों का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी नेता महापुरुषों की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं से कुछ सीखते नहीं। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश की कथनी और करनी का फर्क देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।
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