
गोरखपुर। कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता फैला रही है। अगर वह अपनी इस हरकत से बाज नहीं आई तो जनता उसका बचा खुचा राजनीतिक करियर भी खत्म कर देगी। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने के बाद भी वह अपनी गलतियों से सबक नहीं ले रही है। वह बार-बार लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में करने में लगी है। ये आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर लगाए।
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जनता का विश्वास खो चुकी है कांग्रेस
मुख्यमंत्री ने कहा, कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है। उसे यह समझना चाहिए कि देश उसे बार-बार क्यों ठुकरा रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह अराजक और अलोकतांत्रिक आचरण को अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने गैर-जिम्मेदाराना राजनीतिक आचरण से देश भर को अराजकता के माहौल में धकेल दिया है। पहले देश के भीतर पहचान का संकट खड़ा किया, फिर अपने भ्रष्ट मंसूबों के कारण जनता का विश्वास खो दिया।

इतना कुछ होने के बाद भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रवैया नहीं बदला। कांग्रेस को जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करना चाहिए न कि, चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने की कोशिश। मुख्यमंत्री ने कहा कि, कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय स्वयं के आचरण पर विचार करना चाहिए।
यूपी में 1985 से सत्ता में नहीं लौटी कांग्रेस
कांग्रेस के सिमटते जनाधार का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि, उत्तर प्रदेश की जनता ने तो 41 साल पहले ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी। देश के अन्य राज्यों में भी एक-एक कर जनता का कांग्रेस से मोहभंग होता गया, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व यह समझने को तैयार नहीं है कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। कांग्रेस अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने पर उतारू है।
देश में फैला रही अराजकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि, पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है। आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। कांग्रेस का यह आचरण बताता है कि वह राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर भी भूल चुकी है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का स्थान है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आचरण सही नहीं
कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए सीएम ने कहा कि, चुनाव जीत जाएं तो अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हार जाएं तो ईवीएम तथा चुनाव आयोग को दोषी ठहराने लगते हैं। न्यायालय मेरिट के आधार पर फैसला दे तो न्यायपालिका को भी कटघरे में खड़ा करने और धमकाने का प्रयास किया जाता है। अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी कांग्रेस का यही रवैया है। गाली-गलौज करना, संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और अव्यवस्था फैलाना उसकी राजनीतिक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इस प्रकार का आचरण उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करना चाहिए, जिस नेतृत्व पर जनता को भरोसा नहीं है उससे बदलना चाहिए। उन्होंने कहा, अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर फोड़ने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आएगा।
…तो खत्म हो जायेगा कांग्रेस का अस्तित्व
मुख्यमंत्री योगी ने चेताया कि कांग्रेस को देश की जनता की लोकतांत्रिक चेतना कम नहीं आंकना चाहिए। देश की जनता अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों को अधिक दिनों तक सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, यदि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी तरह से अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करती रही तो वह पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस को अराजकता छोड़कर मुद्दों और मेरिट के आधार पर चर्चा करनी चाहिए। स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनना ही उसके लिए उचित होगा। यही देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी है।
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