लोकसभा में बोले वाणिज्य मंत्री- ट्रेड डील से किसानों को नहीं होगा कोई नुकसान, विपक्ष फैला रहा भ्रम

ट्रेड डील में किसान हित सर्वोपरि, मेक इन इंडिया को भी मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली। विपक्ष की शंकाओं का समाधान करते हुए केन्द्रीय केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, इस डील में किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की पूरी रक्षा की गई है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मजबूत दोस्ती की वजह से ही भारत को ये सबसे अच्छी डील मिली हुई है।

इस डील की वजह से भारतीय निर्यातकों को 18% टैरिफ के साथ वैश्विक बाजार में मजबूत बढ़त देगी। गोयल ने स्पष्ट किया कि, कृषि-डेयरी संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित, इससे किसानों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। इस डील से एमएसएमई, कुशल श्रमिकों और ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति मिलेगी।

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मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत

 

लोकसभा में बोलते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि, संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कृषि, डेयरी और उर्वरक में भारतीय किसानों तथा किसान समुदाय के हितों की पूरी रक्षा की गई है और इससे किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा।

ट्रेड डील

गोयल ने जोर देकर कहा कि, यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक और फायदेमंद साबित होगा, जो ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्यों को नई गति प्रदान करेगा। मंत्री ने सदन को बताया कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया।

टैरिफ कम होने से मिलेगी राहत

गोयल ने कहा कि, यह दर कई अन्य प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ से कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। पहले यह टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन अब यह कमी भारत के लिए बड़ी राहत देने वाली साबित होगी। गोयल ने आगे बताया कि, पिछले एक वर्ष से अधिक समय से दोनों देशों के वार्ताकार विभिन्न स्तरों पर विस्तृत चर्चा कर रहे थे। इन वार्ताओं में भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से कृषि, डेयरी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अपने हितों की सफलतापूर्वक रक्षा की। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने हमेशा किसानों, पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र के हितों को सर्वोपरि रखा है। कभी भी इन क्षेत्रों के साथ समझौता नहीं होने दिया।

ट्रंप-मोदी की मित्रता से मिली अच्छी डील

इस ट्रेड डील में भी कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर्स को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। मंत्री ने जोर दिया कि, डील में संवेदनशील कृषि उत्पादों, डेयरी आइटम्स और उर्वरक जैसे क्षेत्रों को बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू उत्पादकों को कोई खतरा न हो।इससे पहले मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने डील को भारत की सबसे अच्छी डील करार दिया था।

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उन्होंने कहा था कि, प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत मित्रता और मजबूत संबंधों के कारण राष्ट्रपति ट्रंप के साथ यह समझौता संभव हुआ। “यह डील हमारे पड़ोसी देशों और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत को सबसे बेहतर स्थिति में रखती है। यह 140 करोड़ देशवासियों के लिए शुभ संकेत है और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

 ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को मिलेगी मदद

गोयल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि, कुछ नेता भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि, यह डील किसानों को मजबूत बनाएगी न कि कमजोर। डील के फायदों पर विस्तार से बात करते हुए गोयल ने कहा कि, यह छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कुशल श्रमिकों, टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स और अन्य लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स के लिए नए अवसर खोलेगा। अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच से भारतीय निर्यात बढ़ेगा, जिससे रोजगार सृजन होगा और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

ट्रेड डील

इसके अलावा, उन्नत तकनीक, इनोवेशन और डिजाइन क्षमताओं तक पहुंच आसान हो जाएगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने में मदद करेगी। मंत्री ने सदन में यह भी स्पष्ट किया कि वार्ताओं के दौरान भारत ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय टीम ने कड़ी मेहनत की। गोयल ने कहा, यह डील दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी का प्रतीक है। अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ने से भारत का निर्यात लक्ष्य हासिल करना आसान होगा और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति मजबूत बनेगी।

कांग्रेस और अन्य दलों पर कसा तंज

विपक्ष के हंगामे के बीच दिए गए इस बयान में गोयल ने कांग्रेस और अन्य दलों पर तंज कसा कि ,वे राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता देश को गुमराह कर रहे हैं, जबकि हकीकत में यह डील किसान-केंद्रित है। गोयल ने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने हमेशा किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम किया है और इस समझौते में भी उनके हितों से कोई समझौता नहीं हुआ।

स्टॉक मार्केट में आई तेजी

समझौते की घोषणा के बाद बाजारों में सकारात्मक रुख देखा गया, जहां स्टॉक मार्केट ने तेजी दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देगी और द्विपक्षीय व्यापार को कई गुना बढ़ाएगी। हालांकि, कुछ किसान संगठनों ने चिंता जताई है, लेकिन सरकार का दावा है कि संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं। पीयूष गोयल ने अंत में कहा कि डील के अंतिम विवरण जल्द ही संयुक्त बयान के माध्यम से जारी किए जाएंगे। यह समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला कदम है, जो निर्यात, रोजगार और तकनीकी उन्नति के नए द्वार खोलेगा।

 

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