महंत परमहंस दास को मनाने में जुटा प्रशासन, इलाज के लिए अस्पताल में कराया भर्ती

भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किये जाने की मांग के साथ पिछले नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास की स्थिति अब नाजुक हो गई है। उनके गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बुधवार को प्रशासन ने उन्हें उठाया। परमहंस दास पिछले 12 अक्टूबर की सुबह से अयोध्या के तपस्वी छावनी चौराहे पर आमरण अनशन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अन्न-जल त्याग दिया था।

महंत परमहंस दास अस्पताल में भर्ती

पिछले नौ दिनों से लगातार अपनी मांग को लेकर भूख-प्यास त्याग कर अनशन कर रहे परमहंस दास का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा था। उनका वजन काफी घट गया था। उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। देख पुलिस इंटेलिजेंस यूनिट और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे मजिस्ट्रेट ने परमहंस के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया है।  

महंत परमहंस दास का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहेंगे तो देश को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देंगे। उनका कहना है कि उनके द्वारा छह महीने पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर अवगत कराया जा चुका है। कहा कि जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ और पाकिस्तान को मुस्लिम राष्ट्र घोषित कर दिया गया। फिर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में क्या आपत्ति है? अगर देश का बंटवारा धर्म के आधार पर नहीं हुआ तो बंटवारे का कोई औचित्य ही नहीं है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का भारत में विलय करके अखंड भारत की घोषणा कर देनी चाहिए।

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यह पहला मौका नहीं है जब वह आमरण अनशन पर बैठे हों, इसके पहले वह 2018 में भी आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। तब उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर बनाने की मांग रखी थी। उस अनशन की वजह से उन्हें पीजीआई में भर्ती होना पड़ा था, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन ख़त्म करवाया था और राम मंदिर बनवाने का भी आश्वासन दिया था।