जयपुर मेट्रो का होगा विस्तार, इन रूट्स पर बनेंगे 36 स्टेशन, किन लोगों को होगा फायदा

नई दिल्ली। पिंक सिटी जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर चल रही लंबी प्रतीक्षा अब समाप्ति की ओर बढ़ रही है। केंद्र सरकार के पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ शहर में मेट्रो विस्तार का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही फेज-2 पर निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

हाई-लेवल मीटिंग में प्रस्तुत की गई पूरी DPR

केंद्रीय वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRC) के एमडी वैभव गालरिया ने फेज-2 की पूरी DPR बोर्ड के सामने रखी। इस प्रस्तुति में परियोजना के तकनीकी, आर्थिक और संरचनात्मक पहलुओं को विस्तार से बताया गया।

जयपुर की तेजी से बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव और भविष्य की शहरी जरूरतों को देखते हुए बोर्ड ने इस परियोजना को अत्यंत आवश्यक मानते हुए स्वीकृति प्रदान की। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे, जिन्होंने डीपीआर के हर बिंदु पर विस्तृत चर्चा की।

अब निर्णय कैबिनेट के हाथ में

फेज-2 को वर्षों से केंद्रीय मंजूरी का इंतजार था। PIB की स्वीकृति के बाद परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जैसे ही कैबिनेट हरी झंडी देगी, जयपुर के मेट्रो विस्तार का काम तेज रफ्तार से शुरू हो जाएगा।

फेज-2 का रूट: 36 स्टेशन, करीब 43 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर

जयपुर मेट्रो फेज-2 कुल 42.80 किलोमीटर लंबा होगा, जो शहर को सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया से अंबाबाड़ी तक जोड़ेगा।
इस कॉरिडोर में 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं—

  • 34 एलिवेटेड स्टेशन
  • 2 अंडरग्राउंड स्टेशन

इनमें जयपुर एयरपोर्ट, जयपुर रेलवे स्टेशन, गांधी नगर स्टेशन, SMS हॉस्पिटल, कलेक्ट्रेट, वीकेआई, टोंक रोड, सीकर रोड, विद्याधर नगर, एसएमएस स्टेडियम जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे।

फेज-2 का यह कॉरिडोर जयपुर के सबसे व्यस्त आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक इलाकों को जोड़कर शहर में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगा।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

  • दैनिक यात्रियों को तेज और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन
  • ट्रैफिक जाम में कमी
  • औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी
  • पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
  • शहर के पर्यावरण में सुधार

यह परियोजना जयपुर में आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। PIB की मंजूरी के बाद अब पूरा शहर कैबिनेट निर्णय का इंतजार कर रहा है, ताकि मेट्रो विस्तार को नई रफ्तार मिल सके।

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