
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक शक्तिशाली संदेश साझा किया। राहुल गांधी ने बापू को मात्र एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक शाश्वत ‘सोच’ करार दिया, जो कभी मिट नहीं सकती क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस महान विचारधारा को पहले अंग्रेजी साम्राज्य ने, फिर नफरत की विचारधारा ने और अब ‘अहंकारी सत्ता’ ने मिटाने की कई बार असफल कोशिशें की हैं। राहुल ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपिता ने देश को आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया था कि सत्ता की ताकत से कहीं अधिक बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व डर के मुकाबले अहिंसा और साहस का पलड़ा हमेशा भारी रहता है।
महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं – वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफ़रत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की।
मगर राष्ट्रपिता ने हमें आज़ादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताक़त से बड़ी सत्य की शक्ति होती है – और हिंसा व भय से… pic.twitter.com/Hm1frzS3jW
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 30, 2026
इसी क्रम में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए वैचारिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साल 1948 में सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच हुए पत्राचार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन पत्रों में राष्ट्रवाद के स्वघोषित संरक्षकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जयराम रमेश ने वर्तमान समय की तुलना करते हुए एक सांसद के उस पुराने बयान पर भी हैरानी जताई, जिसमें उन्होंने गांधी और गोडसे के बीच चयन करने में असमर्थता जताई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता स्पष्ट करती है कि नफरत की विचारधारा आज भी कहीं न कहीं सक्रिय है। कांग्रेस नेताओं ने बापू के शहादत दिवस पर उनके आदर्शों को याद करते हुए देश की एकता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।



