काशी से शिक्षा का शंखनाद, सीएम योगी ने स्कूल चलो अभियान में बच्चों को बांटे बैग और किताबें

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी शनिवार को शिक्षा के एक नए सवेरे की साक्षी बनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से प्रदेशव्यापी स्कूल चलो अभियान-2026 का विधिवत शुभारंभ किया। बाबा विश्वनाथ और कालभैरव के चरणों में शीश नवाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के करोड़ों नौनिहालों के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी।

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 डिग्री हासिल करना ही शिक्षा नहीं है

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि, शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह इंसान को इंसान बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी और गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था, लेकिन आज तकनीक और परंपरा के संगम से प्रदेश की शिक्षा पद्धति पूरी तरह बदल चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार के प्रवास की शुरुआत बेहद आध्यात्मिक रही। सुबह-सुबह उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने आरती उतारी। आध्यात्मिक अनुष्ठानों के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सीधे शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचे, जहां स्कूल चलो अभियान के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

बच्चों से किया संवाद

सुबह करीब 9:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री बच्चों के बीच बिल्कुल सहज नजर आए। उन्होंने विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा लगाई गई विज्ञान और कला प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। छोटे-छोटे बच्चों ने जब अपने प्रोजेक्ट्स के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से बताया, तो सीएम ने न केवल उनकी पीठ थपथपाई बल्कि उनसे कई तकनीकी सवाल भी पूछे। बच्चों के नवाचार और आत्मविश्वास को देखकर मुख्यमंत्री काफी गदगद दिखे।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने मंच पर पांच निपुण’ बच्चों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने खुद अपने हाथों से बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग पहनाए और उन्हें नई किताबें व शिक्षण सामग्री किट प्रदान की। बच्चों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके हालचाल पूछे और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पांच उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया, जिन्होंने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में निपुण होने का प्रमाण दिया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब मैं इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखता हूं, तो मुझे विश्वास होता है कि, उत्तर प्रदेश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

पुरानी व्यवस्था पर किया प्रहार

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरानी व्यवस्थाओं पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की सरकारों के एजेंडे में शिक्षा कभी प्राथमिकता नहीं रही। उस समय गरीब के बच्चों की चिंता किसी को नहीं थी। स्कूल खंडहर बन चुके थे और पढ़ाई के नाम पर सिर्फ नकल माफियाओं का बोलबाला था। पिछली सरकारों के लोग केवल नकल कराने और व्यवस्था को खोखला करने में विश्वास रखते थे।

उन्होंने आगे कहा कि, आज उत्तर प्रदेश का परिवेश और पद्धति दोनों बदल चुके हैं। अब बच्चों को केवल पारंपरिक किताबी ज्ञान ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि उन्हें अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चा जब स्कूल से बाहर निकले, तो उसके पास न केवल डिग्री हो, बल्कि वह स्वरोजगार और रोजगार के लिए भी पूरी तरह सक्षम हो।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार का श्रेय प्रदेश के शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांति आई है, उसमें शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है। सीएम ने कहा, शिक्षक केवल वेतनभोगी कर्मचारी नहीं हैं, वे राष्ट्र निर्माता हैं। यदि शिक्षक अपने उत्तरदायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें, तो सफलता निश्चित है। हमारे शिक्षकों ने मेहनत की और उसी का परिणाम है कि ऑपरेशन कायाकल्प आज नई ऊंचाइयों पर है।

बता दें कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत बदली गई है। स्कूलों में टाइल्स, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि शिक्षक हर घर तक पहुंचें और यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम  

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए थे। सुबह 9:15 से लेकर 10:50 बजे तक, जब तक मुख्यमंत्री वहां मौजूद रहे, भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कुछ अव्यवस्था भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कुछ प्राथमिक विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों और मीडियाकर्मियों को मुख्य परिसर में प्रवेश देने में सख्ती बरती, जिससे कुछ लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

विकसित उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते कदम

काशी से शुरू हुआ यह स्कूल चलो अभियान अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक अभियान के रूप में चलाया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा शिक्षा के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। काशी से उठी शिक्षा की यह गूंज पूरे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

सुबह 10:50 बजे मुख्यमंत्री का काफिला विद्यालय परिसर से रवाना हुआ, लेकिन उनके द्वारा बच्चों को दी गई प्रेरणा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का उनका संकल्प वहां मौजूद हर शिक्षक और अभिभावक के जेहन में दर्ज हो गया।

 

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