
मुंबई। हिंदी ज़ी5 एक नई दमदार और भावनात्मक रूप से गहन प्रतिशोध पर आधारित ड्रामा सीरीज़ सतरंगी – बदले का खेल लेकर आ रहा है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश की मुश्किल और संवेदनशील पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहाँ परंपराओं का गहरा प्रभाव है, लोगों की पहचान बार-बार परखी जाती है, और हर शांत पल के भीतर बदले की आग सुलगती रहती है। इस शो में अंशुमान पुष्कर, महवश, कुमुद मिश्रा, उपेन चौहान, सद्दाम सोफिया हुसैन, अतुल कुसुम संजय, बी. शांतनु और आमिर खान सहित कई शानदार कलाकारों की मजबूत टीम नजर आएगी।
‘सतरंगी – बदले का खेल’ की कहानी बाबलू महतो के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक लौंडा डांसर का बेटा है और परिस्थितियों के चलते उसे अपने पिता का पेशा अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस मजबूरी के पीछे उसके मन में न्याय पाने की तीव्र इच्छा छिपी होती है, क्योंकि बाबलू चुपचाप ताकतवर सिंह परिवार से बदला लेने की योजना बनाता रहता है। समाज के तानों, जटिल रिश्तों और भीतर सुलगते गुस्से के बीच अपनी ज़िंदगी को संभालते हुए, यह सीरीज़ सम्मान, प्रेम और प्रतिशोध की एक गहराई से बुनी हुई कहानी को दर्शाती है।
सच्चाई से भरी कहानी को दमदार अभिनय के साथ पेश करते हुए, “सतरंगी – बदले का खेल” पहचान, समाज के दबाव और बदले की कीमत जैसे अहम विषयों को दिखाती है। यह सीरीज़ उन दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प है, जो गहरी, भावनात्मक और ज़मीन से जुड़ी कहानियां देखना पसंद करते हैं।शो के बारे में बात करते हुए, कावेरी दास, बिज़नेस हेड – हिंदी ज़ी5 और चीफ़ चैनल ऑफिसर एण्ड टीवी ने कहा, “हिंदी ज़ी5 में, हमारा मानना है कि सबसे प्रभावशाली कहानियाँ स्थानीय संस्कृतियों के दिल से निकलती हैं, जहाँ पहचान, परंपरा और वास्तविक जीवन की परिस्थितियाँ बेहद व्यक्तिगत तरीकों से जुड़ती हैं।
‘सतरंगी – बदले का खेल’ के साथ, हम एक ऐसी कहानी की ओर आकर्षित हुए जिसकी जड़ें ग्रामीण उत्तर प्रदेश की मिट्टी में गहरी जमी हैं, फिर भी यह गरिमा, सामाजिक ऊँच-नीच और जुझारूपन जैसे विषयों पर एक नया और बेबाक नज़रिया पेश करती है। हमारी हिंदी कंटेंट की रणनीति का मुख्य आधार, देश के भीतरी इलाकों से जुड़ी उन सच्ची कहानियों को सामने लाना है, जिनकी आवाज़ और दुनिया अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती हैं, लेकिन जो दर्शकों के दिलों को गहराई से छू जाती हैं। गहन पृष्ठभूमि और जटिल किरदारों के साथ, ‘सतरंगी – बदले का खेल’ निश्चित रूप से उन दर्शकों से जुड़ेगा, जो ऐसी कहानियों की तलाश में हैं जो बहुआयामी हों, सांस्कृतिक रूप से ज़मीन से जुड़ी हों और बेहद वास्तविक हों।



