
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब सिर्फ नवाबी खाने के लिए नहीं जानी जाएगी। जल्द ही यहां एक ऐसी जगह तैयार होगी जहां आप एक ही छत के नीचे पूरे प्रदेश का जायका ले सकेंगे। चाहे वाराणसी की कचौड़ी-सब्जी हो, आगरा का पेठा हो, मथुरा के पेड़े हों या फिर बुंदेलखंड का देसी खाना, सब कुछ एक ही जगह, एक ही शाम में।
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विभूति खंड में बनेगा ODOC पार्क
यह सपना अब हकीकत बनने जा रहा है, जब लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए ने गोमती नगर के विभूति खंड में ओडीओसी पार्क विकसित करने का फैसला किया है। यह पहल न सिर्फ लखनऊवासियों को एक नया और बेहतरीन फूड डेस्टिनेशन देगी, बल्कि प्रदेश के हर कोने के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय कारीगरों को भी एक बड़ा मंच मुहैया कराएगी।
क्या है ओडीओसी पार्क की योजना
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन यानी ओडीओसी योजना को राजधानी में जमीन पर उतारने की दिशा में एलडीए ने बड़ा कदम उठाया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को गोमती नगर के विभूति खंड में स्थल निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को इस पार्क का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इस पार्क के लिए नव निर्मित गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास एक प्राइम लोकेशन पर 8,000 वर्गमीटर भूमि चिह्नित की गई है। यह स्थान शहर के सबसे व्यस्त और आधुनिक इलाकों में से एक है, जिससे यहां आने वाले लोगों की संख्या स्वाभाविक रूप से अधिक होगी।
दिल्ली हाट की तर्ज पर होगा निर्माण
ओडीओसी पार्क को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध दिल्ली हाट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां 40 से अधिक फूड क्यिास्क बनाए जाएंगे, जिनमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजन परोसे जाएंगे। हर एक क्यिास्क किसी एक जिले की खान-पान संस्कृति को प्रदर्शित करेगा, जिससे लखनऊ आने वाले पर्यटक और शहर के निवासी दोनों ही पूरे उत्तर प्रदेश का स्वाद एक ही स्थान पर चख सकेंगे।
परिसर में लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था होगी और पूरा परिसर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखा जाएगा। यह पार्क एक ऐसे फूड डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा जहां परिवार के साथ शाम बिताना हो, दोस्तों के साथ खाने का लुत्फ उठाना हो या फिर किसी आगंतुक को लखनऊ की मेजबानी में पूरे प्रदेश का जायका चखाना हो सब कुछ एक जगह संभव होगा।
स्थानीय कारीगरों को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना का एक अहम पहलू रोजगार सृजन भी है। ओडीओसी पार्क बनने से स्थानीय कारीगरों, रसोइयों और छोटे उद्यमियों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोग अपने क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन बनाकर यहां बेच सकेंगे, जिससे न सिर्फ उनकी आजीविका बेहतर होगी बल्कि उनकी पाक-कला और परंपरागत रेसिपी को भी एक बड़ा मंच मिलेगा।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि, इस पार्क को विकसित करने के लिए अधिकारियों को नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थल निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, प्रभारी अधिकारी-अर्जन विपिन कुमार शिवहरे, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार व मनोज सागर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।
हयात सेंट्रिक के नाम से बनेगा 5 स्टार होटल
एलडीए उपाध्यक्ष के मंगलवार के निरीक्षण दौरे में सिर्फ ओडीओसी पार्क ही चर्चा में नहीं रहा। गोमती नगर के विक्रांत खंड में स्थित एलडीए के बजट होटल को लेकर भी एक बड़ी खबर सामने आई है। यह होटल जल्द ही अंतरराष्ट्रीय ख्याति के हयात ग्रुप द्वारा हयात सेंट्रिक के नाम से फाइव स्टार रेटिंग के साथ संचालित किया जाएगा।
इस होटल की बिल्डिंग में इस समय तेजी से मरम्मत और री-डिजाइनिंग का काम चल रहा है। अधिकारियों ने उपाध्यक्ष को बताया कि अगले छह महीनों में मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद होटल के संचालन की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
10,968 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित यह आठ मंजिला होटल लखनऊ के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। होटल में 186 लग्जरी कमरों के साथ-साथ फूड कोर्ट, मीटिंग हॉल, डाइनिंग एरिया और टेरेस गार्डन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस परियोजना से एलडीए को लगभग 378 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है, जो इस परियोजना में लगाई गई कुल लागत से कई गुना अधिक है।
कैलाशकुंज कांप्लेक्स का भी होगा कायाकल्प
मंगलवार को एलडीए उपाध्यक्ष का निरीक्षण दौरा यहीं नहीं रुका। उन्होंने अयोध्या राजमार्ग पर स्थित कैलाशकुंज कांप्लेक्स का भी जायजा लिया, जिसे प्राधिकरण पुनर्विकसित करने की योजना बना रहा है। एलडीए पहले ही इस कांप्लेक्स में मुनादी करवाकर आवंटियों को पुनर्विकास की जानकारी दे चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि कांप्लेक्स के 74 आवंटियों के साथ सकारात्मक बातचीत हो चुकी है और इनमें से 24 आवंटियों ने री-डेवलपमेंट के लिए अपनी लिखित सहमति भी प्रदान कर दी है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिया कि, जिन आवंटियों से अभी तक सहमति नहीं ली जा सकी है, उनके साथ शीघ्र बैठक आयोजित की जाए और उन्हें इस पुनर्विकास परियोजना के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया जाए।
लखनऊ के विकास की नई इबारत
कुल मिलाकर मंगलवार का यह निरीक्षण दौरा लखनऊ के समग्र विकास की दिशा में एलडीए की सक्रियता का प्रमाण है। ओडीओसी पार्क से जहां लखनऊ को एक अनूठा फूड डेस्टिनेशन मिलेगा, वहीं हयात सेंट्रिक होटल शहर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगा और कैलाशकुंज कांप्लेक्स का पुनर्विकास उस क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा। एलडीए की ये तीनों परियोजनाएं मिलकर लखनऊ को एक आधुनिक, जीवंत और विश्वस्तरीय शहर बनाने के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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