डेढ़ महीने के प्रदर्शन के बाद रंग लाई पहलवानों की मुहिम, बृजभूषण सिंह के घर पहुंची पुलिस

देश की महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व चीफ और भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर अब कानूनी शिंकजा खिंचने लगा है. पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की टीम बृजभूषण शरण सिंह के घर पहुंची है. दिल्ली पुलिस ने यहां उसके 12 करीबियों के बयान दर्ज किए और फोन नंबर समेत अन्य साक्ष्य भी जुटाए. दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई शनिवार रात महिला पहलवानों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मीटिंग के बाद हुई है. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार अब बृजभूषण के खिलाफ एक्शन लेने के मोड़ में आ गई है.

आपको बता दें कि महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद से दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. इस क्रम में दिल्ली पुलिस की एसआईटी रविवार रात बृजभूषण शरण सिंह के गोंडा स्थित पैतृक घर पर पहुंची थी. पुलिस ने यहां 12 लोगों के बयान दर्ज किए. एसआईटी ने इससे पहले इस केस में 125 गवाहों के बयान भी दर्ज किए थे. इसके अलावा पुलिस ने कुछ नाम, पते और फोन नंबर भी जुटाए हैं.

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गौरतलब है कि देश की सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. इन पहलवानों ने कुछ नाबालिग भी है. इन पहलवानों के समर्थन में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों से बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इन पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग एक महीने तक धरना प्रदर्शन किया था. हालांकि उनको 28 मई के दिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नए संसद भवन का उद्घाटन कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और प्रदर्शन स्थल को हटा दिया था. जिसके बाद पहलवान अपने मेडल को गंगा में बहाने हरिद्वार पहुंच गए थे, जहां भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के कहने पर वो वापस हो गए थे.

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