कैल्शियम की गोलियां खाने के बाद भी क्यों नहीं जाता हड्डियों का दर्द, यहां जानें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अव्यवस्थित जीवनशैली और खानपान ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है। नतीजतन समय से पहले शरीर कई गंभीर बीमारियों का गढ़ बन रहा है। हमारे खानपान और जीवनशैली का असर सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि हड्डियों पर भी पड़ रहा है। हड्डियां समय से पहले कमजोर हो रही हैं, जिससे जोड़ों में दर्द, सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों की आवाज और पीठ में जकड़न आदि। ये समस्या बूढ़ों में ही नहीं युवाओं में भी देखने को मिल रही है।

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हड्डियों और दांतों में होता है 99% कैल्शियम

हड्डियों को मजबूत करने का जो सबसे पहला समाधान जो हमारे दिमाग में आता है वह है कैल्शियम सप्लीमेंट। ऐसे में हम मेडिकल स्टोर से कैल्शियम की गोलियां खरीद आते हैं और खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी हड्डियों का दर्द जस का तस बना रहता है। आखिर ऐसा क्यों होता है। आइए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स से।

Benefits of calcium supplements

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, सिर्फ कैल्शियम खा लेना हड्डियों की मजबूती की गारंटी नहीं है। हड्डियों की सेहत एक जटिल विज्ञान है, जहां कैल्शियम के साथ-साथ कई अन्य विटामिन और हमारी जीवनशैली का तालमेल होना अनिवार्य है। उनका कहना है कि, हड्डियों की सेहत के लिए कैल्शियम निस्संदेह सबसे महत्वपूर्ण खनिज है क्योंकि हमारे शरीर का लगभग 99 फीसदी कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा होता है।

ऐसे में जब खून में कैल्शियम की कमी होने लगती है, तो शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है, जिससे वे कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नियमित रूप से कैल्शियम लेने के बावजूद दर्द बने रहने के पीछे सबसे प्रमुख कारण एब्जॉर्प्शन यानी अवशोषण की कमी है। आप जो कैल्शियम खा रहे हैं, जरूरी नहीं कि, वह आपकी हड्डियों तक पहुंच ही रहा हो। अगर शरीर उसे सोख नहीं पा रहा है, तो वह कैल्शियम हड्डियों को फायदा पहुंचाने के बजाय शरीर के अन्य अंगों में जमा होकर समस्या पैदा कर सकता है।

विटामिन डी भी अनिवार्य

कैल्शियम के सही तरीके से काम न कर पाने के पीछे विटामिन डी की भारी कमी एक बड़ा कारण है। विटामिन डी वह चाबी है जो शरीर में कैल्शियम के प्रवेश का रास्ता खोलती है। अगर आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम है, तो आप कितना भी कैल्शियम क्यों न खा लें, आंतें उसे अवशोषित नहीं कर पाएंगी।

यही कारण है कि, कैल्शियम लेने के बावजूद हड्डियां कमजोर बनी रहती हैं। इसके साथ ही मैग्नीशियम और विटामिन के-2 का अभाव भी हड्डियों के निर्माण में बाधा डालता है। मैग्नीशियम कैल्शियम को हड्डियों के ऊतकों में सक्रिय करता है, जबकि विटामिन के-2 एक ट्रैफिक पुलिस की तरह काम करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि, कैल्शियम खून से निकलकर सीधे हड्डियों और दांतों में जाए।

हमारी आधुनिक जीवनशैली और गलत खानपान भी हड्डियों के दर्द को बरकरार रखते हैं। ज्यादा नमक, कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन हड्डियों की डेंसिटी को तेजी से कम करता है, जिससे सप्लीमेंट का असर खत्म हो जाता है।

दिनचर्या में सुधार जरूरी

महिलाओं में उम्र के साथ होने वाले हॉर्मोनल बदलाव, विशेषकर मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर गिरना, हड्डियों की रक्षात्मक परत को कमजोर कर देता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ कैल्शियम सप्लीमेंट लेना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि एक संपूर्ण स्वास्थ्य दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। हड्डियों के दर्द से स्थायी छुटकारा पाने के लिए सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दिनचर्या में सुधार करना बेहद जरूरी है।

Benefits of calcium supplements

सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए रोजाना सुबह कुछ समय धूप में बिताना आपके कैल्शियम सप्लीमेंट के असर को काफी हद तक बढ़ा सकता है। डाइट में विविधता लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैल्शियम के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर न रहकर रागी, तिल, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए, क्योंकि ये मैग्नीशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

पैदल चले या हल्की एक्सरसाइज करें

शारीरिक सक्रियता जैसे पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज हड्डियों पर सकारात्मक दबाव डालती है, जिससे वे अधिक कैल्शियम सोखती हैं और मजबूत बनती हैं। हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए सही लाइफस्टाइल अपनाना अनिवार्य है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से बचना चाहिए और हर एक घंटे में छोटा ब्रेक लेकर शरीर को मूव करना चाहिए।

प्रोटीन युक्त आहार जैसे दालें और पनीर हड्डियों के ढांचे को मजबूती देते हैं। तनाव को कम रखना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद के दौरान ही शरीर ऊतकों की मरम्मत करता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि, बिना डॉक्टरी जांच के कैल्शियम की हाई डोज न लें, क्योंकि यह कब्ज या किडनी की समस्या पैदा कर सकता है।  हड्डियों की मजबूती के लिए सही पोषण, सक्रिय जीवनशैली और संतुलित डाइट का बेहतर तालमेल आवश्यक है।

 

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