अमेरिका-ईरान तनाव…. ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर ईरानी सेना का कड़ा प्रहार

जुल्फाघारी ने दोटूक शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी अमेरिका के साथ समझौता नहीं करेगा और ट्रंप की रणनीतिक ताकत अब एक बड़ी विफलता में बदल चुकी है।

नई दिल्ली। ईरान की सेना ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना का कड़ा मजाक उड़ाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें बातचीत जारी होने की बात कही गई थी। खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने एक वीडियो बयान में स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या उनके आंतरिक मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि वे खुद से ही बातें कर रहे हैं। जुल्फाघारी ने दोटूक शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी अमेरिका के साथ समझौता नहीं करेगा और ट्रंप की रणनीतिक ताकत अब एक बड़ी विफलता में बदल चुकी है।

यह विवाद तब और गहरा गया जब जानकारी सामने आई कि अमेरिका ने पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए यह शांति प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया था। हालांकि, एक तरफ शांति की बात की जा रही है, तो दूसरी तरफ पेंटागन क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर रहा है। अमेरिका अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन और मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स के हजारों अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने की तैयारी में है, जिससे क्षेत्र में कुल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 50,000 के पार पहुंच सकती है। इस सैन्य तैनाती और साथ ही युद्धविराम के प्रस्ताव ने न केवल ईरान बल्कि अमेरिका के सहयोगी देश इजराइल को भी हैरान कर दिया है, जो ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई का पक्षधर रहा है।

मौजूदा संकट का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित कर दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में भी तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ट्रंप प्रशासन पर युद्ध समाप्त करने का घरेलू दबाव बढ़ रहा है। इस बीच, जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं; जहां एक ओर ईरान पर हवाई हमले जारी हैं, वहीं ईरानी ड्रोन और मिसाइलें इजराइल सहित क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों को निशाना बना रही हैं। ईरानी सेना ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका के “खोखले वादों” के झांसे में आने वाले नहीं हैं।

Related Articles

Back to top button