लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नए साल की पूर्व संध्या बुधवार को उत्सव, आस्था और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाई गई। राजधानी से लेकर छोटे जिलों तक सार्वजनिक चौराहों, धार्मिक स्थलों, नदी घाटों और शॉपिंग हब्स पर दिनभर रौनक रही। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए, जिसमें भीड़ प्रबंधन, निगरानी और यातायात नियंत्रण पर खास जोर दिया गया।

रेलवे स्टेशनों पर सघन तलाशी
अयोध्या और लखनऊ समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आसपास राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने गहन तलाशी अभियान चलाया। जीआरपी पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा के मुताबिक, बम निरोधक दस्ता, खोजी कुत्ते और विध्वंस विरोधी टीमें तैनात रहीं। यात्रियों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की गई।
काशी में भक्ति के रंग में नया साल
वाराणसी में नए साल की पूर्व संध्या आध्यात्मिक माहौल में गुजरी। दशाश्वमेध घाट पर विशेष गंगा आरती हुई और 1,001 दीयों से “स्वागतम 2026” लिखा गया, जिसने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने इसे भक्ति और उत्सव के अनोखे संगम का प्रतीक बताया। काशी विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर प्रशासन के अनुसार बीते एक सप्ताह में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि नए साल के पहले दिन लगभग पांच लाख लोगों के आने की संभावना जताई गई।
शहरों में जश्न, सड़कों पर सख्ती
राजधानी लखनऊ में कड़ाके की ठंड के बावजूद हजरतगंज, रूमी दरवाजा, हुसैनाबाद, जनेश्वर मिश्रा पार्क और प्रमुख मॉल्स में लोगों की भीड़ जुटी। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि विशेष अवसर को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। डीसीपी (पूर्वी) शशांक सिंह ने कहा कि समिट बिल्डिंग सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई
पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ में यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। बलिया मोड़ पर चेकिंग के दौरान 230 वाहनों का चालान किया गया। आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और मेरठ से भी कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण जश्न की तस्वीरें सामने आईं।
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