
बीजिंग। वैश्विक राजनीति के मंच से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के लिए चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच चुके हैं, जहां उनका स्वागत किसी भव्य उत्सव की तरह किया गया।
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रिश्तों की नई इबारत लिखने की कोशिश
गुरुवार, 14 मई को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति ट्रंप का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मुलाकात केवल दो नेताओं का मिलन नहीं, बल्कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रिश्तों की नई इबारत लिखने की कोशिश मानी जा रही है। 2017 के बाद किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा है, जो बीजिंग और वॉशिंगटन के बीच जमी बर्फ को पिघलाने का काम कर रही है।

द्विपक्षीय बैठक के दौरान बीजिंग के गलियारों में जो चर्चा हुई, उसका केंद्र सकारात्मकता और भविष्य की साझेदारी रही। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बैठक की शुरुआत में ही, रिश्तों को नई दिशा देते हुए स्पष्ट किया कि, चीन और अमेरिका एक-दूसरे के सहयोगी हैं, न कि प्रतिद्वंद्वी। उन्होंने जोर देकर कहा कि, दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों से न केवल इन दोनों देशों को फायदा मिलेगा, बल्कि इससे पूरी वैश्विक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिनपिंग के संबोधन का सबसे खास हिस्सा वह संदेश था जिसमें उन्होंने कहा कि, हम दोनों राष्ट्र मिलकर दुनिया में बड़े और सकारात्मक बदलाव करेंगे। चीनी राष्ट्रपति के इस रुख ने साफ कर दिया है कि, चीन इस समय अमेरिका के साथ टकराव के बजाय तालमेल बिठाने को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी शैली में इस दोस्ती को सराहा और जिनपिंग को अपना एक महान नेता और अच्छा दोस्त बताया।
रिश्तों को प्रगाढ़ करने का दावा
ट्रंप ने मीडिया और आधिकारिक मंचों पर इस बात को बार-बार दोहराया कि अमेरिका और चीन के बीच वर्तमान में शानदार रिश्ते हैं और आने वाले समय में ये और भी प्रगाढ़ होंगे। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद जरूर हो सकते हैं, लेकिन साझा हितों की संख्या उन मतभेदों से कहीं अधिक बड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि, उनकी यह यात्रा बीजिंग और वॉशिंगटन के बीच एक ऐसे सेतु का निर्माण करेगी जो आने वाले कई दशकों तक वैश्विक स्थिरता का आधार बनेगा।
इस पूरे दौरे का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ व्यापार है। व्हाइट हाउस से रवाना होने से ठीक पहले ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि व्यापारिक असंतुलन और आर्थिक सहयोग उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हैं। गुरुवार को आधिकारिक राजकीय आगमन समारोह और रात्रिभोज के अलावा, दोनों नेताओं ने व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और नए समझौतों पर गहन चर्चा की।

ट्रंप ने व्यापारिक रिश्तों को म्यूचुअल बेनिफिट यानी दोनों देशों के लिए फायदेमंद करार देते हुए कहा कि चूंकि दोनों सुपरपावर हैं, इसलिए व्यापार पर फोकस करना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी माना कि, अमेरिका चीन के साथ बड़े स्तर पर व्यापार कर रहा है और यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए इंजन का काम कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में नया मोड़
इससे पहले जब 13 मई को ट्रंप का विमान बीजिंग की धरती पर उतरा, तो वहां के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने उनका भव्य स्वागत किया, जिसने इस यात्रा की सफलता की पहली झलक दिखा दी थी। ट्रंप ने इस यात्रा के दौरान एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि रिश्तों का यह सिलसिला केवल बीजिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस साल के अंत तक अमेरिका आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
साल के आखिर में होने वाली जिनपिंग की यह प्रस्तावित अमेरिका यात्रा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक और बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। फिलहाल, बीजिंग से निकला यह संदेश कि हम सहयोगी हैं दुनिया भर के शेयर बाजारों और राजनयिकों के लिए राहत की खबर लेकर आया है।
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