नरेंद्र मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में बुधवार को अपना पहला मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रही है। लेकिन इस विस्तार से पहले मोदी सरकार के मंत्रिमडल में हुई फेरबदल ने सियासत को चौंका दिया है। दरअसल, मोदी मंत्रिमंडल में शामिल कई मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। इसी क्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावडेकर ने भी विस्तार से पहले इस्तीफा दे दिया है। इन दोनों दिग्गजों द्वारा उठाए गए इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

मोदी सरकार के इन दिग्गजों ने पहले दिया इस्तीफा
इसके पहले मोदी सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार समेत मोदी सरकार के दस मंत्रियों ने अब तक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि निशंक ने जहां स्वास्थ्य कारणों से अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेजा है, वहीं कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था, ऑक्सीजन की कमी और अन्य कारणों से केंद्र की हुई किरकिरी की कीमत डॉ हर्षवर्धन को चुकानी पड़ी है।
निशंक और डॉ हर्षवर्धन के साथ ही श्रम मंत्री संतोष गंगवार, देबोश्री चौधरी, संजय धोत्रे, बाबुल सुप्रियो, राव साहेब दानवे पाटिल, सदानंद गौड़ा, रतनलाल कटारिया और प्रताप सारंगी ने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया है।
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निशंक हाल ही में कोरोना संक्रमण से उबरने के कुछ दिन बाद से बीमार चल रहे थे। उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें तकरीबन 15 दिन तक आईसीयू में भी रहना पड़ा था। स्वास्थ्य कारणों के चलते उनके इस्तीफे की बात कही जा रही है। हालांकि, चर्चा यह भी है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें वापस उत्तराखंड की राजनीति में भेजने पर विचार कर रहा है। उत्तराखंड में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।