बैंक कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, जानें कितनी बढ़ी सैलरी

नई दिल्ली। बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने बैंक कर्मियों को थोड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का औपचारिक ऐलान कर दिया है। यह फैसला मई से जुलाई 2026 की तिमाही के लिए लागू किया गया है।

इसे भी पढ़ें- योगी सरकार का कर्मचारियों को तोहफा, 4 % बढ़ाया महंगाई भत्ता, इतनी बढ़ जाएंगी सैलरी

25.70 प्रतिशत बढ़ा भत्ता

हालांकि, लंबे समय से बड़े वित्तीय लाभ की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों और यूनियन के नेताओं के लिए यह खबर मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आई है। जहां एक तरफ भत्ते में वृद्धि को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बढ़ोतरी के आंकड़े को ऊंट के मुंह में जीरा बताया जा रहा है। सरकार का यह कदम बैंकिंग उद्योग के वेतन ढांचे में नियमित अंतराल पर होने वाले संशोधनों का हिस्सा है, जिसका सीधा असर क्लर्क से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की मासिक आय पर पड़ने वाला है।

देश के बैंकिंग क्षेत्र के लिए जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने मई से जुलाई 2026 की तिमाही के लिए बैंक कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 25.70 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस बार डीए में कुल 0.70 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा जारी इस अपडेट के बाद अब बैंक कर्मचारियों के बीच अपनी संशोधित सैलरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, बैंक यूनियनों ने इस बढ़ोतरी पर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इसे मौजूदा महंगाई दर के मुकाबले बहुत कम करार दिया है। कर्मचारियों का तर्क है कि, जिस रफ्तार से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं, उस लिहाज से 0.70 प्रतिशत की वृद्धि पर्याप्त नहीं है।

वेतन में होने वाले वास्तविक इजाफे की बात करें तो इस मामूली बढ़ोतरी का असर भी वेतनमान के हिसाब से काफी कम रहने वाला है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस संशोधन के बाद अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों की मंथली सैलरी में केवल 435 रुपये से लेकर 1,050 रुपये तक की ही बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए जिनका मूल वेतन 48,000 रुपये से 1,17,000 रुपये के बीच है, उनके मासिक वेतन में यह वृद्धि बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं दिखेगी। सरकार और आईबीए का मानना है कि यह वृद्धि भले ही छोटी हो, लेकिन यह सुनिश्चित करती है कि बैंकिंग क्षेत्र के भत्ते महंगाई के वैश्विक और राष्ट्रीय रुझानों के साथ तालमेल बनाए रखें।

वेतन वृद्धि के गणित को विस्तार से समझें तो विभिन्न चरणों पर इसका असर अलग-अलग है। उदाहरण के तौर पर, जो कर्मचारी पहले चरण में हैं और जिनका बेसिक पे 48,480 रुपये है, उनके वेतन में प्रति माह महज 435 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसी प्रकार, दसवें चरण के कर्मचारी जिनकी बेसिक पे 67,160 रुपये है, उनकी सैलरी में 601 रुपये का इजाफा होगा।

वरिष्ठता के पायदान पर ऊपर बैठे कर्मचारी भी इससे अछूते नहीं हैं। 20वें चरण में 93,960 रुपये की बेसिक पे पर केवल 838 रुपये प्रति माह बढ़ेंगे। वहीं, जो कर्मचारी 25वें चरण में हैं और 1,08,260 रुपये की अधिकतम बेसिक सैलरी प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें भी महीने के अंत में केवल 965 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

इस महंगाई भत्ते की गणना के आधार पर नजर डालें, तो यह पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक आंकड़ों पर टिकी है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन  की 2 मई की अधिसूचना के अनुसार, ये आंकड़े मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए औद्योगिक श्रमिकों के अखिल भारतीय औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित हैं। साल 2026 की पहली तिमाही के दौरान मुद्रास्फीति के आंकड़ों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया।

जनवरी 2026 में सूचकांक 148.6 पर था, जो फरवरी में मामूली रूप से गिरकर 148.5 हो गया और फिर मार्च में बढ़कर 149.1 पर पहुंच गया। इन तीन महीनों का औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 148.73 दर्ज किया गया। जब इसकी तुलना 2016 के आधार सूचकांक (123.03) से की गई, तो शुद्ध अंतर 25.70 निकलकर आया, जिसके आधार पर मई से जुलाई की अवधि के लिए 0.70 अंकों की वृद्धि तय की गई है।

बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि, महंगाई भत्ते में इस तरह के छोटे संशोधनों का उद्देश्य कर्मचारी के क्रय शक्ति को स्थिर रखना होता है। हालांकि, बैंक यूनियनों की ओर से यह मांग उठती रही है कि, भत्ते के कैलकुलेशन के तरीके में बदलाव किया जाए ताकि कर्मचारियों को वास्तविक राहत मिल सके।

फिलहाल, 25.70 प्रतिशत के नए डीए के साथ बैंक कर्मचारियों को अपनी अगली सैलरी स्लिप का इंतजार है, जिसमें यह संशोधित राशि जुड़कर आएगी। यह वृद्धि भले ही बैंक कर्मियों की बड़ी वित्तीय जरूरतों को पूरा न करे, लेकिन तकनीकी रूप से यह सरकारी नियमों के तहत महंगाई की भरपाई का एक अनिवार्य हिस्सा है।

 

इसे भी पढ़ें- केंद्रीय कर्मचारियों को होली पर मिलेगा तोहफा! महंगाई भत्ते में चार फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है सरकार

Related Articles

Back to top button