
सनातन धर्म में ग्रहों की हर चाल का असर मनुष्य के जीवन पर पड़ता है। कई बार इसका असर सकारात्मक पड़ता है, तो कई बार नकारात्मक। अब इस महीने ग्रहों के राजा सूर्य देव राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं और उनका ये गोचर सामान्य नहीं है। 15 मई को सूर्य जब अपनी मित्र राशि मेष को छोड़कर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे, तो उस समय अधिक मास का दुर्लभ संयोग भी बना होगा।
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ज्योतिष शास्त्र में अधिक मास और सूर्य गोचर के इस मिलन को बड़े बदलावों का सूचक माना जाता है। जहां सूर्य का गोचर आत्मविश्वास और सत्ता का प्रतीक है, वहीं वृषभ राशि में उनका संचरण कुछ विशेष राशियों के लिए आर्थिक चुनौतियों और मानसिक तनाव का संकेत दे रहा है। विशेषकर मिथुन, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए आने वाला समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि, ग्रहों की यह स्थिति न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि जातकों की आर्थिक स्थिरता को भी गहराई से प्रभावित करेगी। सूर्य का वृषभ राशि में संचरण ज्योतिषीय जगत में एक बड़ी हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। सूर्य जब भी शुक्र की राशि में जाते हैं, तो वह अनुशासन और विलासिता के बीच एक द्वंद्व की स्थिति पैदा करते हैं। 15 मई से शुरू होने वाला यह गोचर विशेष रूप से मिथुन राशि के जातकों के लिए कड़े संघर्ष के संकेत दे रहा है।
मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों को इस दौरान अपने कार्यक्षेत्र में शत्रुओं और विरोधियों की गुप्त रणनीतियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आपके ऑफिस या कार्यस्थल पर आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा सकता है। इस दौरान किसी भी सहकर्मी या व्यापारिक साझेदार पर आंख मूंदकर भरोसा करना आपके लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। मानसिक तनाव का स्तर इतना बढ़ सकता है कि उसका सीधा असर आपके काम की गुणवत्ता पर पड़ेगा, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपके संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं।
कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर पारिवारिक कलह और आर्थिक बोझ की समस्या लायेगा। कन्या राशि का स्वामी बुध है और सूर्य के साथ बुध का संबंध वैसे तो मित्रवत होता है, लेकिन वृषभ राशि में सूर्य की उपस्थिति आपके खर्चों को बेकाबू कर सकती है। इस अवधि में आपको अपने भाई-बहनों के साथ संबंधों को लेकर बहुत ही संजीदा रहना होगा, क्योंकि छोटी सी गलतफहमी बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
अधिक मास के कारण धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जो आध्यात्मिक रूप से तो अच्छी है, लेकिन इन कार्यों या अचानक होने वाली तीर्थ यात्राओं के कारण आपका बजट पूरी तरह से डगमगा सकता है। यदि आपने पहले से वित्तीय योजना नहीं बनाई है, तो यह गोचर आपको कर्ज के जाल में धकेल सकता है। आपको सलाह दी जाती है कि इस समय किसी को भी बड़ा उधार न दें और न ही किसी के लिए गारंटी लें, वरना वह पैसा वापस मिलना लगभग असंभव होगा।
तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह राशि परिवर्तन स्वास्थ्य और धन दोनों ही मोर्चों पर मुश्किल पैदा करेगा। तुला राशि का स्वामी शुक्र है, जो सूर्य का शत्रु माना जाता है। ऐसे में सूर्य का वृषभ में होना तुला राशि वालों के शारीरिक बल को कमजोर कर सकता है। आपको इस दौरान त्वचा से संबंधित विकारों, पित्त दोष या अत्यधिक थकान का सामना करना पड़ सकता है। सेहत पर होने वाला खर्च आपके जमा किए हुए धन को धीरे-धीरे खत्म कर सकता है।
आर्थिक निवेश के मामले में यह समय बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। यदि आप शेयर बाजार या किसी नई व्यावसायिक योजना में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो उसे फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी। कोई भी बड़ा जोखिम आपकी आर्थिक स्थिति को गर्त में ले जा सकता है, इसलिए सुरक्षित चलें की नीति अपनाना ही इस समय आपके लिए सर्वोत्तम होगा।
इस कठिन ज्योतिषीय संयोग के प्रभावों को कम करने के लिए शास्त्र सम्मत उपायों का सहारा लेना अनिवार्य हो जाता है। सूर्य देव अनुशासन और प्रकाश के देवता हैं, इसलिए इन तीन राशियों के जातकों को अपनी दिनचर्या को बहुत ही व्यवस्थित और अनुशासित बनाने की जरूरत है।
नियमित रूप से सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से जल अर्पित करना और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करना आपके भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने में सहायक होगा। चूंकि सूर्य वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने के लिए शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की विशेष उपासना करना और उन्हें सफेद वस्तुओं जैसे मखाने की खीर या बताशे का भोग लगाना शुभ फलदायी रहेगा। यह उपाय न केवल आपके धन की रक्षा करेंगे, बल्कि अधिक मास में होने वाले दुष्प्रभावों से भी आपको सुरक्षा प्रदान करेंगे।
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