शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स 1191 अंक टूटा

30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,191.24 अंक लुढ़क कर 72,391.98 के स्तर पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 349.45 अंक की गिरावट के साथ 22,470.15 पर कारोबार करता नजर आया।

मुंबई। पश्चिम एशिया में तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से शेयर बाजार में भारी कोहराम, सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा टूटा
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजी निकालने के कारण घरेलू बाजार पर भारी दबाव देखा गया, जिससे शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,191.24 अंक लुढ़क कर 72,391.98 के स्तर पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई (NSE) निफ्टी 349.45 अंक की गिरावट के साथ 22,470.15 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस बिकवाली का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों पर पड़ा, जिनमें एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भारतीय विकास दर को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख पर पड़ा है, जिन्होंने मार्च महीने में अब तक के सबसे खराब आंकड़े दर्ज करते हुए लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये (12.3 अरब डॉलर) की भारी निकासी की है।

हालांकि, इस गिरावट के दौर में भी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिलहाल 115.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को भी प्रभावित किया है।

वैश्विक स्तर पर भी बाजारों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अमेरिकी बाजार बीते शुक्रवार को नैस्डैक और डाउ जोन्स में भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर सोमवार को एशियाई बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया के कॉस्पी, जापान के निक्की और हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांकों में आज सुबह से ही भारी गिरावट देखी गई, जबकि केवल शंघाई का बाजार मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

घरेलू आंकड़ों की बात करें तो शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने जहाँ 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,566.15 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की थी। वर्तमान में रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल के आयात बिल में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

Related Articles

Back to top button