
नई दिल्ली। विश्व तीरंदाजी ने भारत की प्रतिभावान खिलाड़ी शीतल देवी को वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना है। जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से इतिहास रचते हुए विश्व पैरा चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला भुजाहीन तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांग्जू में आयोजित महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में यह प्रतिष्ठित खिताब जीता था। शारीरिक चुनौतियों को मात देते हुए शीतल भुजाएं न होने के बावजूद अपने पैर और कंधे के तालमेल से सटीक तीरंदाजी करती हैं। उनकी सफलता का सफर यहीं नहीं थमा, उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप की महिला टीम स्पर्धा में रजत और मिश्रित टीम में कांस्य पदक भी अपने नाम किया है।
विश्व तीरंदाजी संस्था ने शीतल के पिछले साल के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा है। शीतल ने पेरिस पैरालम्पिक की मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था, जबकि एशियाई पैरा खेल 2022 और 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में वह व्यक्तिगत रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सोमवार को ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए शीतल ने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाजों के साथ नामांकित होना और फिर विश्व तीरंदाजी द्वारा सर्वश्रेष्ठ चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस सफर में मिले सहयोग के लिए सभी का आभार जताते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है।



