सेना की नौकरी छोड़ यूपी सेवा में आईं शारिमा, मंच से कही दिल जीतने वाली बात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और मिशन रोजगार की सफलता की एक भावुक और प्रेरणादायक झलक रविवार को राजधानी लखनऊ में देखने को मिली। यहां डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुशासन का लोहा मनवाया।

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निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण वह क्षण रहा जब भारतीय सेना से वीआरएस (VRS) लेकर आईं नवनियुक्त नर्सिंग अफसर शारिमा सिद्दीकी ने मंच से खुले दिल से स्वीकार किया कि कभी वह उत्तर प्रदेश के नाम से घबराती थीं, लेकिन योगी सरकार के सुरक्षात्मक माहौल और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया ने उन्हें वापस अपने प्रदेश में सेवा करने की हिम्मत और प्रेरणा दी। यह रिपोर्ट केवल सरकारी नियुक्तियों के बारे में नहीं है, बल्कि उस बदलते भरोसे की कहानी है जिसने उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि को भय से बदलकर विश्वास और अवसर में तब्दील कर दिया है।

Yogi Adityanath

रविवार को लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नवनियुक्त 665 नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब सिफारिश, भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद का युग समाप्त हो चुका है।

योग्यता के आधार पर हुआ चयन- योगी

सीएम योगी ने कहा, आज प्रदेश में नियुक्तियां केवल और केवल योग्यता के आधार पर हो रही हैं। हमारी सरकार ने चयन प्रक्रियाओं को इतना पारदर्शी बना दिया है कि, किसी भी प्रतिभावान युवा को अपनी नौकरी के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है। युवाओं को उनकी वर्षों की मेहनत का उचित फल मिल रहा है और चयन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, ये नर्सिंग अधिकारी अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं और उन्हें मरीजों की सेवा पूरी संवेदनशीलता के साथ करनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक चर्चा नर्सिंग अफसर शारिमा सिद्दीकी के वक्तव्य की रही, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शारिमा, जो पहले भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी पिछली धारणाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद उनके मन में उत्तर प्रदेश आने का विचार तक नहीं था।

शारिमा के भावुक शब्द थे, मुख्यमंत्री जी, आपके शासन से पहले मैं उत्तर प्रदेश के नाम से घबराती थी। यहां की कानून-व्यवस्था और माहौल को लेकर मेरे मन में एक नकारात्मक छवि बनी हुई थी। मुझे लगता था कि, यहां मेहनत करने वालों के लिए जगह नहीं है, लेकिन जब से आपने प्रदेश की कमान संभाली है, यूपी की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। आपकी कार्यशैली, सुरक्षा के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और भर्ती प्रक्रियाओं में अपनाई गई पारदर्शिता को देखकर ही मुझमें यह हिम्मत आई कि, मैं वापस अपने प्रदेश लौटूं और यहां के लोगों के लिए काम करूं। उन्होंने आगे कहा कि वह आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं क्योंकि उन्हें बिना किसी पैरवी के अपनी काबिलियत पर यह पद मिला है।

मेहनत को मिला सम्मान

कार्यक्रम में केवल शारिमा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सुदूर जिलों से आए कई युवाओं की आंखों में सफलता की चमक और सरकार के प्रति कृतज्ञता साफ दिखाई दे रही थी। मोहनलालगंज की रहने वाली प्रियंका सिंह, जिन्होंने इस परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया, ने भावुक होकर बताया कि यह योगी सरकार की निष्पक्षता का ही परिणाम है कि एक साधारण पृष्ठभूमि की बेटी आज पूरे प्रदेश में टॉप कर पाई है।

प्रियंका ने कहा, जब परीक्षा परिणाम आया और मेरा नाम पहली रैंक पर था, तो मुझे विश्वास हो गया कि, अब यूपी में सिर्फ प्रतिभा की कद्र होती है। सरकार ने भर्ती प्रणाली में जो सकारात्मक बदलाव किए हैं, उससे हम जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। प्रियंका ने इस सफलता के लिए अपने परिवार और विशेष रूप से अपने बड़े भाई के निरंतर सहयोग को याद किया।

कड़ी सुरक्षा और निष्पक्षता

मैनपुरी की रहने वाली अनामिका यादव ने भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने परीक्षा केंद्र की उन कड़क व्यवस्थाओं का जिक्र किया जिसने उन्हें परीक्षा देते समय ही आश्वस्त कर दिया था कि चयन पूरी तरह पारदर्शी होगा।

Yogi Adityanath

अनामिका ने बताया, परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा इतनी सख्त और व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित थी कि, किसी भी प्रकार की धांधली या नकल की कोई गुंजाइश ही नहीं बची थी। उस व्यवस्था को देखकर ही हमने अंदाजा लगा लिया था कि परिणाम केवल मेरिट के आधार पर ही आएगा। मेरी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार में ईमानदारी का बोलबाला है।

 तेजी से हो रहा यूपी का विकास

अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त अधिकारियों को एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब एक ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

सीएम ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा, प्रदेश में आज विकास की गति बहुत तेज है और सब कुछ सहजता से चल रहा है। जनता के कार्यों में कोई बाधा नहीं है। ऐसे में युवाओं को उन ताकतों से सावधान रहना चाहिए, जो अफवाहें फैलाकर प्रदेश की छवि खराब करने की कोशिश करती हैं। आप सभी को देश के नेतृत्व द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन का पालन करना चाहिए और विकसित भारत के संकल्प में अपना योगदान देना चाहिए।

बेहतर होगी मरीजों की देखभाल

लोहिया संस्थान में हुई ये नियुक्तियां प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत हैं। 665 नए नर्सिंग अधिकारियों के आने से न केवल बेरोजगारी कम हुई है, बल्कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में नर्स-मरीज अनुपात में भी सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारदर्शी भर्तियों से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा, क्योंकि अब सिस्टम में वे लोग आ रहे हैं जो वाकई इसके योग्य हैं।

 

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