
लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ के सियासी गलियारों में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शासन और सत्ता के केंद्रों में इस बात की चर्चा पर जोर पकड़ रही है कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवरात्रि के पावन अवसर पर मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं।
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बागियों को मिल सकती है जगह
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 52 मंत्री हैं। इसे में नियमों के अनुसार 8 मंत्रियों के पद अभी भी खाली हैं, जिन्हें भरने की तैयारी अब अंतिम चरण में मानी जा रही है। इस संभावित विस्तार में न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बल्कि विपक्षी खेमे से आए उन चेहरों को भी जगह मिल सकती है, जिन्होंने पिछले कुछ समय में सदन के भीतर और बाहर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के काम किया है।

इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में समाजवादी पार्टी के बागी विधायक मनोज पांडे और पूजा पाल के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि, इन दोनों ही नेताओं को उनके साहसी राजनीतिक फैसलों के इनाम के तौर पर कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही रामपुर में आजम खान के सियासी किले को ध्वस्त करने वाले विधायक आकाश सक्सेना का नाम भी मंत्रियों की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है।
भूपेंद्र चौधरी में हो सकते हैं शामिल
चर्चा यह भी है कि, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया जा सकता है ताकि उनके संगठनात्मक अनुभव का लाभ सीधे तौर पर सरकार के कामकाज में मिल सके। यह विस्तार केवल नए चेहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जानकारी के मुताबिक कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी की जा सकती है, जिन्हें हटाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी या फिर उन्हें राष्ट्रीय राजनीति की मुख्यधारा में भेजा जा सकता है।
दूसरी तरफ संगठन के स्तर पर भी बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी नई टीम को लेकर लगातार मंथन कर रहे हैं। महिला मोर्चा और युवा मोर्चा समेत पार्टी के तमाम विभिन्न मोर्चों में नए अध्यक्षों के चुनाव के साथ-साथ क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी बदले जाने की प्रबल संभावना है।
सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार आज लखनऊ में
इस पूरी कवायद को निर्णायक मोड़ देने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार शुक्रवार को लखनऊ के दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस दौरे के दौरान यूपी भाजपा कोर ग्रुप के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें संभावित हैं, जिनमें मंत्रिमंडल के नए नामों और संगठन के नए ढांचे पर अंतिम मुहर लग सकती है। अरुण कुमार की इन बैठकों के बाद यह साफ हो जाएगा कि, नवरात्रि में होने वाला यह फेरबदल आगामी चुनावों और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को किस दिशा में ले जाएगा।
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