
नई दिल्ली। बीसीसीआई ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है और इस घोषणा ने क्रिकेट जगत में एक नई हलचल मचा दी है। सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि, वनडे टीम में क्रिकेट के दो महान खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हुई है, जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। इसके साथ ही कई नए और युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है जो घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं की नज़रों में आए हैं।
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कब और कहां होंगे मैच
आईपीएल के समापन के ठीक बाद 6 जून से भारत और अफगानिस्तान के बीच एक टेस्ट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला पंजाब के मुल्लांपुर स्थित महाराज यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जो हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण मेजबानी स्थली बन चुका है।

टेस्ट मैच के बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी जिसकी तारीखें 14, 17 और 20 जून तय की गई हैं। ये तीनों वनडे मैच क्रमशः धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में आयोजित होंगे जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों के क्रिकेट प्रेमियों को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को लाइव देखने का मौका मिलेगा।
हार के बाद उतरेगी टीम इंडिया
यह सीरीज भारतीय टीम के लिए खुद को साबित करने का एक बड़ा अवसर है क्योंकि पिछले कुछ समय से टीम के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करके बड़ा झटका दिया था। यह हार भारतीय क्रिकेट के लिहाज से बेहद निराशाजनक रही थी। इसके बाद जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया को मुंह की खानी पड़ी। पहला मैच जीतने के बावजूद भारत तीन मैचों की सीरीज 2-1 से हार गया था। इन दोनों हारों के बाद टीम का मनोबल ऊंचा उठाना और नई शुरुआत करना बेहद ज़रूरी हो गया था।
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का अब तक का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में दोनों देशों के बीच अभी तक केवल एक ही मुकाबला हुआ है और उसमें भारत को जीत मिली थी। वनडे में भी भारत का पलड़ा भारी रहा है, चार मुकाबलों में से तीन में जीत और एक मैच टाई रहा, लेकिन इस बार एक खास बात यह है कि, यह पहला मौका होगा जब भारत और अफगानिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेली जाएगी। इससे पहले दोनों टीमें बड़े टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती रही हैं लेकिन एक पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज का यह पहला अवसर होगा जो इसे ऐतिहासिक बनाता है।
रोहित और विराट की वापसी से फैंस उत्साहित
वनडे टीम की घोषणा में सबसे बड़ी और सबसे चर्चित बात रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी है। दोनों ही खिलाड़ियों ने काफी लंबे अरसे से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था और उनकी वापसी को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक हैं और उनकी टीम में उपस्थिति पूरे खेमे का आत्मविश्वास बढ़ाती है। वहीं विराट कोहली के बारे में तो कुछ कहने की ज़रूरत ही नहीं। वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार होते हैं और उनकी वापसी अपने आप में पूरी दुनिया का ध्यान खींचती है। दोनों के एक साथ वनडे टीम में लौटने से टीम की बल्लेबाजी लाइनअप और अधिक मज़बूत और अनुभवी हो गई है।
युवा चेहरों को मिला बड़ा मौका
अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी के साथ-साथ इस बार चयनकर्ताओं ने युवा और नए चेहरों पर भी भरोसा जताया है। प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और मानव सुथार को टीम में शामिल किया गया है। इन तीनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी जगह बनाई है। खास बात यह है कि इन तीनों को सिर्फ वनडे नहीं बल्कि टेस्ट टीम में भी मौका दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि चयनकर्ता इन खिलाड़ियों की क्षमता और भविष्य को लेकर बेहद आशावादी हैं।
शुभमन गिल होंगे कप्तान
टेस्ट और वनडे दोनों टीमों की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई है। शुभमन इस समय भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी के सबसे चमकते सितारे हैं और उनके नेतृत्व में टीम एक नए युग की शुरुआत करने को तैयार है।

टेस्ट टीम में केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। टेस्ट टीम में यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। वनडे टीम में श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और अर्शदीप सिंह जैसे मंझे हुए खिलाड़ी भी हैं।
कुल मिलाकर यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिहाज से कई मायनों में बेहद अहम है। एक तरफ रोहित और विराट जैसे दिग्गजों की वापसी से टीम का अनुभव और मज़बूत हुआ है तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेलने का ऐतिहासिक मौका भी इस सीरीज को और खास बनाता है। अब देखना यह होगा कि शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया इस सीरीज में कैसा प्रदर्शन करती है और पिछली हारों का हिसाब चुकता करने में कामयाब होती है या नहीं।
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