
बेंगलुरु। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट प्राप्त हुआ है, जो महज एक ब्लड सैंपल की मदद से कैंसर का शुरुआती चरण में ही पता लगा सकती है। साथ ही यह भी बता सकती है कि यह बीमारी शरीर के किस हिस्से से शुरू हुई है।
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सूक्ष्म बदलावों और पैटर्न की पहचान
यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म सेल-फ्री डीएनए यानी रक्त में मौजूद डीएनए के टुकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करता है, जिसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस के साथ-साथ मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया है।
कंपनी की मानें, तो इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि, यह कैंसर से जुड़े डीएनए में होने वाले सूक्ष्म बदलावों और पैटर्न को बड़ी सटीकता से पहचान लेती है, जिससे बीमारी का पता उसके शुरुआती चरण में ही लगाया जा सकता है।

गौरतलब है कि, आज भी ज्यादातर मामलों में कैंसर की पहचान तभी हो पाती है जब बीमारी काफी गंभीर स्तर तक पहुंच चुकी होती है, जिससे इलाज की संभावनाएं सीमित रह जाती हैं।
स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ रमेश हरिहरन ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, यह पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित लिक्विड बायोप्सी तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बेहद अहम पड़ाव है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का मुख्य लक्ष्य ऐसी तकनीकें विकसित करना है जो कैंसर स्क्रीनिंग को न सिर्फ ज्यादा सटीक बनाएं, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर लोगों तक आसानी से पहुंचाया भी जा सके।
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