
मुंबई। साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉर्डर’ सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा में देशभक्ति की सबसे मजबूत पहचान बनकर उभरी। आज जब ‘बॉर्डर 2’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं, तो 29 साल पहले बनी पहली ‘बॉर्डर’ से जुड़े दिलचस्प और चौंकाने वाले किस्से फिर सामने आ रहे हैं। इस फिल्म को जितनी भव्यता के साथ बनाया गया था, उतना ही खतरनाक इसका निर्माण भी था। खास बात यह रही कि फिल्म को वास्तविकता के बेहद करीब लाने के लिए भारतीय सेना ने डायरेक्टर जेपी दत्ता को पूरा सहयोग दिया, लेकिन इसकी कीमत उन्हें जान से मारने की धमकियों के रूप में भी चुकानी पड़ी।
स्टूडियो नहीं, जंग का मैदान बना सेट
जेपी दत्ता ने ‘बॉर्डर’ को किसी आम स्टूडियो फिल्म की तरह नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान जैसी सच्चाई के साथ पर्दे पर उतारने का फैसला किया था। यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित थी और इसकी शूटिंग राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में की गई। सेट पर माहौल बिल्कुल जंग जैसा रखा गया, ताकि हर सीन में असलियत झलक सके।
असली टैंक, हथियार और बारूद का इस्तेमाल
फिल्म की शूटिंग के दौरान भारतीय सेना ने न सिर्फ तकनीकी सलाह दी, बल्कि असली टैंक, असली हथियार और यहां तक कि असली बारूद भी उपलब्ध कराया। यही वजह थी कि सेट पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। एक छोटी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी, इसलिए हर सीन को सेना की निगरानी में फिल्माया गया। भारतीय सेना और वायु सेना ने फिल्म निर्माण के लिए अपने वाहन और हथियार भी मुहैया कराए थे।
फिल्म की सच्चाई पड़ी भारी, डायरेक्टर को मिली धमकियां
इतनी वास्तविकता के साथ युद्ध को दिखाने की कीमत जेपी दत्ता को चुकानी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरव्यू में सामने आ चुका है कि पाकिस्तान की हार को जिस तरह फिल्म में दिखाया गया था, उसे लेकर रिलीज के बाद जेपी दत्ता को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उन्हें करीब दो से तीन महीने तक अपने साथ बॉडीगार्ड रखने पड़े थे।
बॉर्डर बनी साल की सबसे बड़ी हिट
रिलीज के बाद ‘बॉर्डर’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इसके गाने, डायलॉग और वॉर सीन आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देते हैं। ‘संदेसे आते हैं’ जैसे गाने हर भारतीय के दिल में बस गए। करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग छह गुना ज्यादा कमाई की थी और यह 1997 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी।
कई बड़े सितारे हुए बाहर, बाद में चमके किरदार
‘बॉर्डर’ के लिए लेफ्टिनेंट धर्मवीर के किरदार को लेकर डायरेक्टर ने कई बड़े सितारों से बातचीत की थी, लेकिन किसी न किसी वजह से सभी ने इनकार कर दिया। आखिरकार यह रोल अक्षय खन्ना के हिस्से आया, जिसने उनके करियर को नई पहचान दी। इसके अलावा संजय दत्त, जूही चावला और मनीषा कोइराला जैसे सितारे भी फिल्म का हिस्सा होते-होते रह गए। कुछ कलाकारों ने छोटे रोल की वजह से मना कर दिया, जबकि संजय दत्त उस समय जेल में थे, जिसके चलते उनकी जगह जैकी श्रॉफ को कास्ट किया गया।



