
लखनऊ। मानसून के दस्तक देते ही दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन अब ऐसा लग रहा है, जैसे बादलों ने इधर सेमुंह मोड़ लिया है। पिछले कई दिनों ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश बारिश की बूंद भी नहीं पड़ रही है। नतीजतन, उमस और गर्मी ने एक बार फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।
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जल्द एक्टिव होगा फिर से मानसून
हालांकि, मौसम विभाग की तरफ से अब एक राहत भरी खबर आ रही है। आईएमडी का कहना है कि मानसून जल्द ही फिर से सक्रिय होने वाला है और आने वाले दिनों में उत्तर भारत के इन राज्यों ने अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। इससे तापमान में तो गिरावट आएगी ही साथ ही पारा भी 35 डिग्री से नीचे आ जाएगा और हवा की गुणवत्ता के सुधरने की भी उम्मीद है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आने वाले तीन से चार दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल, बिहार, मेघालय और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत यानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के साथ-साथ दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल कमज़ोर बनी रहने के आसार हैं यानी यहां के लोगों को झमाझम बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतज़ार करना पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 13 से 19 जुलाई के बीच बारिश उम्मीद जताई गई है। इसी दौरान नोएडा और गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज और बलिया जैसे जिलों में 14 से 17 जुलाई के बीच बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी 16 से 19 जुलाई को बारिश हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 14 से 19 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य में तेज़ आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की भी आशंका जताई गई है। इसे लेकर आईएमडी ने लोकल प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 18 से 19 जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी इसी डेट पर भारी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही भूस्खलन की आशंका जाहिर की गई है जिससे यातायात बाधित हो सकता है। ऐसे में यहां यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 19 जुलाई के बीच तेज़ बारिश होने की उम्मीद जताई है। वहीं छत्तीसगढ़ में 14 से 19 जुलाई तक बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी कहीं-कहीं बारिश दर्ज की जा सकती है। आईएमडी ने इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की भी चेतावनी जारी की है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
पूर्वी भारत में भारी बारिश का अनुमान
पूर्वी भारत के राज्यों में मानसून पूरी तरह से एक्टिव जारी हो चुका है। बिहार में 14 और 15 जुलाई को बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही ये भी उम्मीद जताई गई है कि ये सिलसिला 19 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 19 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

उधर झारखंड में 14 से 17 जुलाई के दौरान भारी बारिश की आशंका जताई गई है और लोगों की सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ये बारिश 19 जुलाई तक जारी रहने की उम्मीद है। इन इलाकों में लगातार बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आम जनजीवन पर असर
आपको बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में बारिश का सिलसिला थम गया है, जिससे उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। दफ्तर जाने वाले लोगों से लेकर बाजार में काम करने वाले दुकानदारों तक, सभी गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल नज़र आ रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी लोगों के लिए राहत की खबर लेकर आई है कि, आने वाले दिनों में बारिश लौटेगी और उन्हें गर्मी से राहत मिलेगी। इसके साथ ही प्रदूषण में भी कमी आएगी।
किसानों के लिए ख़ुशी
मानसून की यह बारिश सिर्फ जनता के लिए नहीं, बल्कि खेती-किसानी के लिहाज़ से भी जरूरी है। उत्तर भारत के कई राज्यों में खरीफ की फसलों की बुवाई इसी बारिश पर निर्भर रहती है। अगर बारिश समय पर और पर्याप्त मात्रा में होती है, तो धान, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई और बेहतर पैदावार की उम्मीद बढ़ जाती है।

वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश किसानों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकती है, क्योंकि इससे भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। हादसे होने लगते हैं। आम जनता को भी आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
आईएमडी का पूर्वानुमान
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में 13-19 जुलाई के बीच बारिश के आसार।
पूर्वी यूपी के गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, बलिया में 14-17 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी।
राजस्थान में 16 से 19 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की उम्मीद।
उत्तराखंड में 14 से 19 जुलाई तक भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18-19 जुलाई के बीच बारिश।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में 14-19 जुलाई के बीच तेज़ बारिश और आंधी-तूफान।
बिहार, बंगाल, सिक्किम, झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान।
बारिश लौटने से तापमान में गिरावट और AQI में सुधार की उम्मीद।
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