बक्से में बंद हाथ-पैर और धड़, सिर की तलाश में जुटी पुलिस, कांपा लखनऊ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की एक स्लीपर बोगी से एक अज्ञात युवती का छह टुकड़ों में कटा हुआ शव बरामद हुआ। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए युवती की हत्या की और फिर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। शव का सिर कटा धड़ एक लोहे के बक्से में बंद था, जबकि हाथ और पैर पॉलिथीन में पैक करके एक बैग में रखे गए थे।

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पुलिस महकमे में हड़कंप

इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मच गया है। शव के पांच टुकड़े तो बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन युवती का सिर अब भी गायब है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। यह खौफनाक मामला तब उजागर हुआ जब छपरा से चलकर ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी।

Horrific murder

ट्रेन के खाली होने के बाद रेलवे कर्मचारियों को स्लीपर कोच एस-1 में एक लावारिस बक्सा और एक बड़ा बैग रखा हुआ मिला। लावारिस सामान की सूचना तत्काल राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को दी गई। मौके पर पहुंची जीआरपी की टीम ने जब बक्से को खोला, तो वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बक्से के अंदर एक करीब 25 से 30 वर्ष की युवती का सिर्फ धड़ रखा हुआ था। इसके बाद जब पास में ही रखे दूसरे बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से पॉलिथीन के भीतर बेहद शातिराना तरीके से पैक किए गए हाथ और पैर बरामद हुए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई। फोरेंसिक टीम ने बोगी और बरामद सामान से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शव को जिस सफाई से काटा गया है, उसे देखकर अंदेशा जताया जा रहा है कि हत्यारों ने किसी बेहद धारदार हथियार या फिर इलेक्ट्रॉनिक कटर का इस्तेमाल किया होगा। इसके अलावा शरीर पर किसी अन्य चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। हत्यारों ने शव को इस तरह से पैक किया था कि, खून की एक बूंद भी बाहर न आ सके। यही वजह है कि, सफर के दौरान किसी को भी इस भयानक साजिश की भनक तक नहीं लगी।

खंगाले जा रहे लापता महिलाओं के रिकॉर्ड

जांच में जुटी पुलिस के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती मृतका की शिनाख्त करना है। बक्से के भीतर मिले युवती के धड़ पर एक रंग-बिरंगा सूट था। कपड़ों की बनावट और हुलिए को देखकर पुलिस का अनुमान है कि, युवती किसी ग्रामीण परिवेश की हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शिनाख्त न होने के कारण आसपास के जिलों और बिहार के थानों से भी लापता महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

Horrific murder

रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी (ACP RAILWAY) रोहित मिश्र ने बताया कि इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा करने के लिए जीआरपी और पुलिस की तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस उन सभी यात्रियों का ब्योरा जुटा रही है जिन्होंने छपरा से लखनऊ के बीच इस कोच में यात्रा की थी। चार्ट के जरिए आरक्षित टिकट वाले यात्रियों की सूची तैयार कर ली गई है, लेकिन समस्या यह है कि इस बोगी में कई सामान्य टिकट वाले यात्री भी सवार थे। ऐसे में आरोपी की सटीक पहचान करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

20 स्टेशनों से गुजरती है छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस 

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए अब पुलिस रूट के सभी रेलवे स्टेशनों पर निर्भर है। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस अपने 12 घंटे के सफर में लगभग 20 स्टेशनों से होकर गुजरती है। पुलिस इन सभी 20 स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि, कौन सा संदिग्ध व्यक्ति इतना भारी बक्सा और बैग लेकर स्लीपर कोच एस-1 में सवार हुआ था और किस स्टेशन पर वह इसे छोड़कर उतर गया।

इस घटना ने पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल से लेकर गोरखपुर मुख्यालय तक के आला अधिकारियों को हिलाकर रख दिया है। चलती ट्रेन में इस तरह की वारदात को अंजाम देकर शव को ठिकाने लगाने से यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, और पुलिस का दावा है कि जल्द ही मृतका की पहचान कर हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

 

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