प्रधानमंत्री ने वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं से ली सियासी तापमान की जानकारी

वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्व मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं से नमो एप के जरिए वर्चुअल संवाद कर उनका जमकर उत्साह वर्धन किया। कोरोना की तीसरी लहर के बीच प्रधानमंत्री ने 10 हजार बूथ कार्यकर्ताओं से वाराणसी में सियासी तापमान की जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने बनारसी अंदाज में भोजपुरी भाषा में कार्यकर्ताओं का हाल भी पूछा। प्रधानमंत्री ने नमो एप के माध्यम से कार्यकर्ताओं के जवाब गंभीरता से सुने और अपनी बात भी रखी। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि हमें हर बूथ के अंदर एक प्रतिस्पर्धा करनी है। नमो एप पर भाजपा का माइक्रो डोनेशन अभियान चल रहा है। इसमें पांच रुपये कार्यकर्ता पार्टी को दान दे सकते हैं। ये संस्कार भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पैसा इकट्ठा नहीं करना है, लोगों को जोड़ना है। हमें संगठन का विस्तार करना है और कार्यकर्ता का विकास भी करना है। चुनाव के समय एक-एक वोट की कीमत समझनी है। हम और योगी इसलिए ही कुछ कर पा रहे हैं क्योंकि जनता ने हमें वोट दिया है।

प्रधानमंत्री ने एक कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक संघर्ष को साझा किया। उन्होंने कहा कि हम जहां पहुंचे हैं, वहां जनसंघ से तीन पीढ़ियां खप गई। नमो एप के कमल पुष्प में जनसंघ के नेताओं की बातें हमें रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारे काशी में जनसंघ के जमाने का एक भी व्यक्ति ऐसा न हो जिस तक हमारी बात न पहुंची हो, प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने बूथ अध्यक्षों से संवाद के दौरान शहर उत्तरी विधानसभा के बागेश्वरी मंडल के आशुतोष शर्मा नामक कार्यकर्ता से पूछा कि बनारस में चुनावी गर्मी का क्या हाल है। आशुतोष ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन कर कहा कि सर मोदी- योगी की जोड़ी सब पर भारी है। फिर प्रधानमंत्री ने वाराणसी में यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या बनारस में ट्रैफिक जाम होता है अब? कार्यकर्ता ने बताया कि पहले हमें आने-जाने में घंटों समय लगता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता, जाम से राहत मिली है।

प्रधानमंत्री ने श्रवण कुमार रावत नामक कार्यकर्ता से पूछा का हाल हो? कार्यकर्ता ने बताया कि अब बनारस बदल गया है। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के भव्यता का जिक्र कर कार्यकर्ता ने बताया कि गरीबों को रोजगार मिल रहा है। वे सब आपको आशीर्वाद दे रहे हैं। फिर प्रधानमंत्री ने पूछा कि पहले और अब में क्या फर्क है?। कार्यकर्ता ने बताया कि पहले तो धक्का-मुक्की से परेशानी होती थी। आज तो दिव्यता दिख रही है। आज इतनी खुशी है कि बाबा विश्वनाथ के ऐसे दिव्य दर्शन आपकी वजह से संभव हो रहा है। आपके लिए कोई भी शब्द छोटा पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने इस पर कहा कि आप एक बूथ के अध्यक्ष हैं। मुझे खुशी है कि आप इतनी गहराई से इसका बखान कर रहे हैं। ये सब बाबा की कृपा है।

प्रधानमंत्री ने श्रवण कुमार से आग्रह किया कि अपनी टीम के साथ काशी में और स्वच्छता बढ़ाएं। काशी आने वाले पर्यटकों को कबीरचौरा और संत रविदास मंदिर के दर्शन भी कराएं। इन स्थलों के विकास के लिए भी सरकार ने बहुत काम किए हैं। प्रधानमंत्री ने कैंट विधानसभा के एक बूथ अध्यक्ष सीमा कुमारी से बातचीत के दौरान भोजपुरी में अभिवादन किया। उन्होंने कार्यकर्ता से कोरोना संक्रमण का हाल जाना। उन्होंने सीमा से पूछा कि अपने क्षेत्र के लोगों से मिलना जुलना हो पा रहा है? सीमा ने बताया कि दो गज की दूरी से मुलाकात कर रही है। अब तो महिलाओं को न रसोई की धुएं से जूझना पड़ता है न केरोसिन के लिए लाइन लगानी पड़ती है। ये सब आपकी वजह से संभव हुआ है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने समझदारी से जो फैसला लिया, उसी की वजह से ये सब संभव हुआ है। मेरा एक आग्रह है- आप ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ो। उन्हें डिजिटल पेमेंट से जोड़ें। ये बहुत बड़ा काम होगा। आप जइसन बहिन के आशीर्वाद हमार असली शक्ति हउअे।

गणतंत्र दिवस पर हवाई हमले की आशंका, दिल्ली में लगी धारा 144

प्रधानमंत्री ने मनोज कुमार पटेल नामक कार्यकर्ता से पूछा कि आप लोग अपने क्षेत्र में गरीब परिवारों की सुध ले रहे हैं या नहीं?। मनोज ने बताया कि हम टोली बनाकर लोगों से बात करते हैं, उनका हाल लेते हैं। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने पूरे संजीदगी के साथ फिर मिलने की बात कही और हर-हर महादेव के उद्घोष से अपनी बात समाप्त की।