यूपी में 12 जुलाई को पौधरोपण महायज्ञ, एक दिन में लगाए जाएंगे इतने करोड़ पौधे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार आगामी 12 जुलाई को आयोजित होने वाले पौधरोपण महायज्ञ की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस बार राज्य ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस विशाल अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए वन विभाग के साथ-साथ राज्य के कई अन्य सरकारी विभाग और केंद्र सरकार की कुछ एजेंसियां भी मिलकर काम कर रही हैं। अभियान की तैयारी के तहत प्रदेशभर की नर्सरियों में अब तक 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें विभिन्न जिलों और विभागों तक पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

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नर्सरियों में तैयार हो रहे पौधे

वन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पौधरोपण महायज्ञ के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस बार प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा योगदान वन विभाग की नर्सरियों का रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें, तो वन विभाग की 1939 नर्सरियों में सबसे ज्यादा 52.46 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं।

CM Yogi planting a sapling

इसके अलावा उद्यान विभाग की 146 नर्सरियों में 1.55 करोड़ पौधे, रेशम विभाग की 55 नर्सरियों में 44 लाख पौधे, और 499 निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हुए हैं। इन सभी पौधों को अब मंडल, जनपद और संबंधित विभागों तक लगातार भेजा जा रहा है, ताकि तय तारीख से पहले वितरण प्रक्रिया पूरी हो सके।

सिर्फ वन विभाग नहीं, अन्य विभाग भी होंगे एक्टिव

इस साल का पौधरोपण अभियान पिछले वर्षों की तरह केवल वन विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें राज्य सरकार के कई अन्य विभागों के साथ-साथ केंद्र सरकार के कुछ विभाग भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। सबसे बड़ा लक्ष्य वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को दिया गया है, जो अकेले 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा।

इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़ पौधे, कृषि विभाग 3.25 करोड़ पौधे, उद्यान विभाग 1.50 करोड़ पौधे, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे और राजस्व विभाग 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करेगा। इस तरह पूरे अभियान को कई विभागों के बीच व्यवस्थित रूप से बांटा गया है, ताकि तय समय में यह विशाल लक्ष्य हासिल किया जा सके।

रेलवे और रक्षा मंत्रालय भी करेंगे पौधरोपण

इस महाअभियान की खास बात यह है कि इसमें केंद्र सरकार के विभाग भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। भारतीय रेलवे की ओर से इस अभियान के तहत 12 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जबकि रक्षा मंत्रालय की ओर से 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।

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इसके अलावा नगर विकास, जलशक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, ऊर्जा, परिवहन जैसे कई अन्य विभागों को भी अपने-अपने पौधरोपण लक्ष्य दिए गए हैं, ताकि यह अभियान राज्य के हर कोने और हर क्षेत्र तक अपना असर दिखा सके।

जनभागीदारी पर फोकस

राज्य सरकार का मकसद सिर्फ तय संख्या में पौधे लगाना ही नहीं है, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित रखना और आम जनता के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाना भी है। यही वजह है कि, इस बार के अभियान में जनभागीदारी को खास तवज्जो दी जा रही है। सरकार की योजना है कि विभिन्न सरकारी विभागों के साथ-साथ स्थानीय निकाय, स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठन भी इस अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लें, ताकि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक जनआंदोलन का रूप ले सके।

नया रिकॉर्ड बनाने का दावा

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, पौधरोपण महायज्ञ-2026 को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पौधों के वितरण की प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस बार जनसहभागिता और सभी संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयासों की बदौलत यह अभियान अभूतपूर्व साबित होगा, और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि तय तारीख यानी 12 जुलाई को यह विशाल अभियान न सिर्फ अपने लक्ष्य को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा।

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