9 अप्रैल को मुख्यमंत्री धामी देंगे सैनिकों को बड़ी सौगात, करेंगे CSD कैंटीन का उद्घाटन

खटीमा। आस्था की नगरी माने जाने वाले उत्तराखंड की पावन धरती को सैन्य परंपराओं और अदम्य साहस कि, वजह से वीरभूमि भी कहा जाता है। अब ये धरती एक और स्वर्णिम अध्याय की साक्षी बनने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र खटीमा के लिए आगामी 9 अप्रैल का सूर्योदय एक नई सौगात लेकर आएगा।

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तेजी से हो रही तैयारी

इस दिन मुख्यमंत्री धामी सीमांत क्षेत्र के पूर्व सैनिकों की वर्षों पुरानी मुराद को पूरा करते हुए नवनिर्मित CSD (कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट) के भव्य भवन का विधिवत लोकार्पण करेंगे। लगभग 7.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह भवन न केवल स्थापत्य कला का एक आधुनिक उदाहरण है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता का भी प्रमाण है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। खटीमा में इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए तैयारियां अपने चरम पर हैं और चारों ओर उत्साह का वातावरण व्याप्त है।

Inauguration of CSD canteen

इस भव्य आयोजन को शौर्य सम्मान समारोह का नाम दिया गया है, जो इस कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ा देता है। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर खटीमा नगर पालिका के सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या और नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में लोकार्पण समारोह को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि, यह केवल एक सरकारी भवन का उद्घाटन मात्र नहीं है, बल्कि यह खटीमा के उस स्वाभिमान का सम्मान है, जो यहां के हर दूसरे घर से सेना में जाने वाले जवानों से जुड़ा है। भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस दिन को एक पर्व की तरह मनाएं और पूरे विधानसभा क्षेत्र में उत्सव का माहौल तैयार करें।

प्राथमिकता के आधार पर मिली मंजूरी

7 करोड़ 15 लाख रुपये के भारी निवेश से तैयार इस नई कैंटीन की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी। पूर्व में संचालित कैंटीन का परिसर छोटा होने के कारण पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को घंटों लाइन में लगना पड़ता था और सामान के भंडारण की भी सीमित व्यवस्था थी।

मुख्यमंत्री धामी ने सैनिकों की इस पीड़ा को समझा और प्राथमिकता के आधार पर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। अब जो नया भवन बनकर तैयार हुआ है, वह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें विशाल शॉपिंग एरिया, व्यवस्थित काउंटर, अत्याधुनिक बिलिंग मशीनें और विशेष रूप से बुजुर्ग व दिव्यांग पूर्व सैनिकों के लिए बैठने का आरामदायक स्थान बनाया गया है।

परिसर को पूरी तरह से डिजिटल और सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षित किया गया है, ताकि पारदर्शी और त्वरित सेवा सुनिश्चित की जा सके। यह नया ढांचा आगामी कई दशकों तक क्षेत्र के सैन्य परिवारों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा। लोकार्पण के इस अवसर पर खटीमा शहर को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारी चल रही है।

धामी ने बढ़ाया फौजियों का मान

कार्यक्रम में देश-प्रदेश के विभिन्न कोनों से आने वाले पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के लिए जगह-जगह भव्य पांडाल स्थापित किए जाएंगे। भाजपा के विभिन्न सहयोगी प्रकोष्ठों को इन पांडालों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्य रूप से राजीव नगर बैंड, अल्केमिस्ट रोड और मुडे़ली चौराहे जैसे प्रमुख प्रवेश द्वारों पर विशेष तोरण द्वार बनाए जाएंगे।

जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि, वे अतिथियों के स्वागत में कोई कसर न छोड़ें, क्योंकि यह आयोजन खटीमा की मेहमाननवाजी और संगठन की मजबूती को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच है। प्रत्येक वार्ड और गांव से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए टोलियां बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अपने गृह क्षेत्र और सैनिकों के प्रति प्रेम जगजाहिर है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, इस कैंटीन का लोकार्पण क्षेत्र के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। बैठक में मौजूद दान सिंह रावत, भुवन भट्ट, सोमनाथ मौर्या और सतीश भट्ट जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि, धामी सरकार ने हमेशा सैनिक कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। चाहे वह शहीद सम्मान यात्रा हो या सैन्य धाम का निर्माण, सरकार ने हर कदम पर फौजियों का मान बढ़ाया है।

खास ट्रैफिक प्लान तैयार

खटीमा में इस आधुनिक कैंटीन के शुरू होने से न केवल खटीमा बल्कि आसपास के चकरपुर, झनकईया, बनबसा और नानकमत्ता क्षेत्र के हजारों लाभार्थियों को भी सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अब दूर-दराज के शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

लोकार्पण समारोह के दिन शहर में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस विभाग ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों का डायवर्जन और पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित किए गए हैं, ताकि सामान्य जनता को आवाजाही में परेशानी न हो। नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पूरे शहर में मुख्यमंत्री के स्वागत के होर्डिंग्स और बैनर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 9 अप्रैल का दिन खटीमा के जन-जन के लिए अविस्मरणीय होगा।

विशाल जनसभा का आयोजन

समारोह के समापन पर एक विशाल जनसभा का भी आयोजन किया जा सकता है, जहां मुख्यमंत्री क्षेत्रवासियों को संबोधित करेंगे और सरकार की अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। इस बैठक में रमेश जोशी, सतीश गोयल, शुभम पटवा, आशीष श्रीवास्तव और राहुल सक्सेना सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है।

9 अप्रैल को होने वाला यह लोकार्पण समारोह खटीमा के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ राज्य के विकास के प्रति मुख्यमंत्री के विजन को एक नई पहचान देगा। खटीमा की जनता अब उस घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रही है जब उनके अपने ‘लाल’ मुख्यमंत्री धामी इस भव्य भवन की चाबियां सैन्य समुदाय को सौंपेंगे।

 

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