
नोएडा। नोएडा में रहने वालों और यहां रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली एनसीआर के इस तेजी से बढ़ते शहर में आने वाले कुछ सालों में दो बड़े ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होने जा रही है, जो शहर की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। एक तरफ जहां एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ दो नई एलिवेटेड सड़कों पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद उम्मीद है कि नोएडा में रोजाना का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
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कैबिनेट से मिली मंजूरी
इस पूरे प्लान में सबसे अहम बदलाव मेट्रो रूट को लेकर हुआ है। दरअसल, शुरुआत में सेक्टर 142 और बॉटनिकल गार्डन के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों के काफी करीब से गुजरने की योजना थी। लेकिन अब नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी एनएमआरसी ने इस रूट में एक बड़ा बदलाव करते हुए फैसला लिया है कि इसका ज्यादातर हिस्सा अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ बनाया जाएगा, न कि रिहायशी इलाकों के बीच से।

इस पूरे प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब अथॉरिटी का पूरा ध्यान निर्माण कार्य और आगे की प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने पर केंद्रित है। असल में जब मेट्रो के इस रूट की योजना तैयार की जा रही थी, तब इलाके के कई निवासी प्रस्तावित रूट को लेकर बिल्कुल भी सहज नहीं थे। खासतौर पर सेक्टर 44 में रहने वाले लोगों और सेक्टर 96 व 98 में प्लॉट के मालिकों ने एनएमआरसी के सामने अपनी चिंताएं खुलकर रखी थीं।
एनएमआरसी ने बदला रूट
उनका कहना था कि, मेट्रो लाइन उनके घरों और कमर्शियल इमारतों के बेहद करीब से न गुजरे, क्योंकि इससे न सिर्फ प्राइवेसी बल्कि संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं थीं। लोगों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बाद आखिरकार एनएमआरसी ने रूट में बदलाव करने का फैसला लिया, ताकि मेट्रो को जहां तक संभव हो, रिहायशी सेक्टरों से दूर रखा जा सके। अथॉरिटी को उम्मीद है कि इस बदले हुए रूट से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों पर कोई नकारात्मक असर डाले बिना भी वैसी ही बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जैसी पहले प्रस्तावित रूट से मिलने की उम्मीद थी।
यहां बनाएं जाएंगे स्टेशन
जो लोग रोजाना एक्वा लाइन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस मेट्रो विस्तार से सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। करीब 11.56 किलोमीटर लंबा यह रूट सेक्टर 142 को बॉटनिकल गार्डन से जोड़ेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब लोगों को लंबी सड़क यात्रा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे एक ही जगह पर आसानी से ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच स्विच कर सकेंगे। इस विस्तारित रूट पर बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस सेक्टर 96, सेक्टर 97, सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 93, पंचशील बालक इंटर कॉलेज जैसे स्टेशन बनाए जाएंगे, जो अंत में मौजूदा सेक्टर 142 कनेक्शन से जुड़ जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी तक मिलेगा विस्तार
सिर्फ बॉटनिकल गार्डन तक ही नहीं, बल्कि एनएमआरसी एक्वा लाइन को एक और छोटा लेकिन महत्वपूर्ण विस्तार भी देने जा रहा है, जो ग्रेटर नोएडा डिपो को बोडाकी से जोड़ेगा। भले ही यह रूट लंबाई में काफी छोटा है, लेकिन इससे ग्रेटर नोएडा में बोडाकी की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे उस इलाके में रहने वाले लोगों का सफर भी काफी सुगम हो जाएगा।
सफर को आसान करेंगी नई एलिवेटेड सड़कें
इन दोनों एक्वा लाइन विस्तार परियोजनाओं से मिलाकर कुल 10 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन आपस में जुड़ जाएंगे। दोनों प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में कुल मिलाकर करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन खास बात यह है कि सिर्फ मेट्रो ही अकेला ऐसा ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं है जिस पर काम चल रहा है, बल्कि दो नई एलिवेटेड सड़कें भी नोएडा में लोगों के रोजमर्रा के सफर को पूरी तरह बदलने वाली हैं।

नोएडा अथॉरिटी ने शहर के मुख्य जंक्शनों पर बढ़ते ट्रैफिक के बोझ को कम करने के मकसद से दो एलिवेटेड सड़कें बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में आईआईटी रुड़की की टीम ने अथॉरिटी के सीईओ के सामने इन सड़कों के प्रस्तावित अलाइनमेंट को प्रस्तुत किया। इसके बाद अथॉरिटी ने संस्थान को इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण कार्य के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा।
समय बचेगा
पहली एलिवेटेड रोड की बात करें तो यह एमपी वन रोड पर डीएनडी के पास सेक्टर 3 से शुरू होकर सेक्टर 60 तक जाएगी। इस सड़क से लोगों को कई ट्रैफिक सिग्नलों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिनकी वजह से आमतौर पर आने-जाने में काफी देरी हो जाती है। इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, सिग्नलों पर इंतजार कम करना पड़ेगा और पीक आवर्स के दौरान भी ट्रैफिक फ्लो पहले से बेहतर बना रहेगा।
वहीं दूसरी एलिवेटेड रोड सेक्टर 94 के पास महामाया फ्लाईओवर के नजदीक से शुरू होगी। प्रस्तावित अलाइनमेंट के मुताबिक यह सड़क महामाया फ्लाईओवर के पास से गुजरते हुए शाहदरा ड्रेन के साथ-साथ आगे बढ़ेगी, फिर ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन के बाद मैजेंटा मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर से होकर गुजरेगी, और अंततः सेक्टर 94 के पास यमुना पुश्ता रोड से जुड़ जाएगी। अथॉरिटी को उम्मीद है कि यह पूरा कॉरिडोर नोएडा और दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगा।
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