नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए नहीं देना होगा टोल, 130 मीटर सड़क के लिए पास हुआ बजट

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के जेवर में बने रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। ये एयरपोर्ट आने वाले समय में भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूर्ण करने के लिए योगी सरकार और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अब कनेक्टिविटी के मोर्चे पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बदलेगा आर्थिक भूगोल

सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए ग्रेटर नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। यह सड़क सिर्फ के रास्ता नहीं होगी, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक भूगोल को बदलने वाला एक ऐसा महामार्ग साबित होगा, जो यमुना एक्सप्रेसवे के एकाधिकार को चुनौती देते हुए यात्रियों को एक टोल-फ्री और सुगम विकल्प प्रदान करेगा।

Noida International Airport A

बता दें कि, यमुना अथॉरिटी की हाल ही में हुई एक बोर्ड मीटिंग में इस परियोजना से जुड़ी एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अथॉरिटी ने इस मार्ग के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण हेतु भारी-भरकम बजट का प्रस्ताव भी पेश किया, जिसे अब शासन से मंजूरी मिल गई है। बजट मिलने के बाद प्राधिकरण ने अब धरातल पर काम करना शुरू कर दिया है। यह सड़क कनेक्टिविटी के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कम से कम तीन से चार अलग-अलग वैकल्पिक रास्ते तैयार किए जाने हैं, ताकि भविष्य में किसी भी एक मार्ग पर दबाव न बढ़े।

जाम मुक्त होगी यात्रा

इस 130 मीटर चौड़ी सड़क की सबसे बड़ी खासियत उसका रूट मैप है। दरअसल, यह सड़क ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास स्थित सिरसा गांव से शुरू होगी और सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर से एयरपोर्ट तक आने के लिए यात्रियों को यमुना एक्सप्रेसवे पर निर्भर रहना पड़ता है। इस रूट पर न केवल भारी टोल चुकाना पड़ता है, बल्कि कई बार लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में ये प्रस्तावित सड़क यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर एक ऐसे विकल्प के रूप में उभरेगी जो टोल फ्री होगी और यमुना एक्सप्रेस वे को भी जाम मुक्त करेगी। इस मार्ग के बन जाने से जेवर एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले और  दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

परियोजना के विस्तार और इससे मिलने वाले फायदों की बात करें, तो यह मार्ग  इंटरनेशनल फिल्म सिटी के बेहद करीब से होकर गुजरेगा। इसके अलावा, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 8 तक के सभी प्रमुख रिहायशी और औद्योगिक सेक्टरों को इस सड़क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। यह सड़क न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कनेक्टिविटी ग्रिड को भी मजबूती प्रदान करेगी।

छह सहायक सड़कों का बिछेगा जाल

यह मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेगा, जिससे राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी सरल हो जाएगा। प्राधिकरण के मास्टर प्लान पर गौर करें तो इस मुख्य मार्ग की उपयोगिता बढ़ाने के लिए इसके साथ छह सहायक सड़कों का जाल भी बिछाया जाएगा। ये छह सड़कें 130 मीटर चौड़ी होंगी, जिन्हें आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ा जायेगा।

इसका सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव जेवर और रबूपुरा जैसे कस्बों और वहां के दर्जनों गांवों पर पड़ेगा। अब तक इन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली या गाजियाबाद जाने के लिए संकरे रास्तों और लंबी दूरी का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस नई सड़क के बन जाने से उनके लिए सफर का समय आधा रह जाएगा। यह बुनियादी ढांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा करेगा।

भावी निवेश के लिए होगी रीढ़ की हड्डी

गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ से आने वाले यातायात के लिए भी यह सड़क एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। गाजियाबाद के निवासी NH-24 के माध्यम से ग्रेटर नोएडा होते हुए इस 130 मीटर मार्ग का उपयोग करके सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। इससे यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों का बोझ कम होगा और सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक बेहतर विकल्प बनेगा। साथ ही, बुलंदशहर और सिकंदराबाद जैसे औद्योगिक शहरों को भी इस मार्ग के जरिए एयरपोर्ट से एक नया और तेज लिंक मिल जाएगा, जिससे वहां के उद्योगों को अपने उत्पादों को विदेशों तक भेजने में आसानी होगी।

Noida International Airport A

यमुना अथॉरिटी केवल वर्तमान की जरूरतों को ही नहीं देख रही, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर भी काम कर रही है। इस सड़क के दोनों ओर भविष्य में कई नए औद्योगिक और वाणिज्यिक सेक्टर बसाने की योजना है। प्राधिकरण का मानना है कि जैसे-जैसे एयरपोर्ट का संचालन शुरू होगा, आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर्स की मांग बढ़ेगी। 130 मीटर चौड़ी यह सड़क इन भावी निवेशों के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगी। इसके निर्माण से रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है और लोग अब इस रूट के आसपास निवेश करने में काफी रुचि दिखा रहे हैं।

आधुनिक मानकों पर खरी उतरेगी सड़क

सुरक्षा और तकनीक के मामले में भी यह सड़क आधुनिक मानकों पर खरी उतरेगी। प्राधिकरण की योजना है कि इस मार्ग पर स्मार्ट लाइटिंग, सीसीटीवी निगरानी और पर्याप्त हरियाली सुनिश्चित की जाए। सड़क की चौड़ाई इतनी अधिक रखी गई है कि भविष्य में अगर यातायात कई गुना बढ़ भी जाता है, तो भी जाम की स्थिति पैदा न हो। यह सड़क उत्तर प्रदेश के उस विजन को दर्शाती है जिसमें विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहकर गांव-गांव तक पहुंचे। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन से पहले इस सड़क के एक बड़े हिस्से को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जिस दिन पहली उड़ान भरे, उस दिन यात्रियों के पास एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए विश्वस्तरीय रास्तों के कई विकल्प मौजूद हों।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि 130 मीटर चौड़ी यह सड़क नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता की कहानी का एक अहम अध्याय होगी। यह न केवल भौतिक दूरी को कम करेगी बल्कि विकास की दूरियों को भी पाट देगी। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए यह सड़क एक नया सवेरा लेकर आएगी, जो उन्हें वैश्विक कनेक्टिविटी से सीधे और बिना किसी बाधा के जोड़ेगी। शासन और प्राधिकरण की यह सक्रियता सुनिश्चित करती है कि आने वाले समय में जेवर क्षेत्र पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा इकोनॉमिक हब बनकर उभरेगा।

 

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